गुरुवार की सुबह वह पत्नी नीरु और बेटी लवलीन (20) के साथ लुधियाना दवाई लेने आए थे। दवाई लेने से पहले उन्होंने नहर में कुछ सामग्री प्रवाहित करनी थी। बेटी लवलीन कार से उतरकर जैसे ही सामग्री को नहर में फेंकने लगी तो उसका पैर फिसल गया और वह सिधंवा नहर में गिर गई। यह देखकर विकास सूद कार से निकला और बेटी को बचाने के लिए खुद भी नहर में कूद गया। हालांकि विकास को तैरना नहीं आता था।
कुछ दूर जाकर उसने बेटी को पकड़ कर किनारे लगा दिया और मां ने बेटी का हाथ पकड़ कर बाहर निकाल लिया। लेकिन विकास सूद को तैरना नहीं आता था। इसलिए वह खुद किनारे तक नहीं पहुंच सका। नहर की तेज लहरों ने उसे डूबो दिया। उसकी पत्नी ने चिल्लाते हुए लोगों को इकट्ठा किया। इस बीच सूचना के बाद थाना सराभा नगर और चौकी रघुनाथ एन्क्लेव की पुलिस पहुंची।
पुलिस ने गोताखोरों की मदद से विकास को बाहर निकाला। उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारी गुरमुख सिंह ने बताया कि विकास का एक बेटा मनपिंदर सिंह है जो विदेश में पढ़ाई कर रहा है। उसके आने के बाद परिजन शव का पोस्टमार्टम कराएंगे। फिलहाल, इस मामले में मृतक की पत्नी नीरु के बयान पर 174 की कार्रवाई की गई है।