बड़े भाई श्याम ने बताया कि दुर्गेश से उनकी बीती रात फोन पर बात हुई थी तब वह बिल्कुल खुश था। दुर्गेश इससे पहले सुखना लेक पर आइसक्रीम का बिजनेस करता था। करीब 4 महीने पहले वह मंदिर में सेवादार का काम करने लगा था। मंदिर में उसके साथ चार स्टूडेंट दोस्त भी रहते थे, जो बीते रविवार को अपने गांव चले गए।
दुर्गेश के छह भाई-बहन हैं। श्याम का आरोप लगाया कि मंदिर के कमेटी के लोग उसे तंग करते थे, इसी वजह से उसने आत्महत्या की होगी। वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि दुर्गेश पिछले काफी समय से उदास रहता था। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मामला साफ हो जाएगा।
पिता ने एसएसपी को दी शिकायत
दुर्गेश के पिता चिंतामणि ने सेक्टर-9 स्थित एसएसपी विंडो में दी शिकायत में मंदिर के प्रधान अशोक शर्मा के खिलाफ दुर्गेश को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। आरोप में बताया गया कि बीते रविवार को दुर्गेश ने अपने छोटे भाई को फोन कर कहा कि मंदिर में तुम सोने लिए आ जाओ। दुर्गेश ने कहा था कि उसने जब मंदिर प्रबंधन से इस बारे में पूछा तो उन्होंने मना कर दिया। जबकि अगली सुबह करीब 7 बजे उन्हें सूचना मिली कि उनके बेटे की मौत हो गई है।
शहर में तीन दिन में चार आत्महत्याएं
शहर के अलग-अलग हिस्सों में पिछले तीन दिनों में चार आत्महत्या के मामले सामने आ चुके हैं। बीते शनिवार सेक्टर-56 में 20 वर्षीय इंद्र कला ने फंदा लगाया था, जबकि सेक्टर-41 में 24 वर्षीय सपना पाल ने पंखे से लटककर जबकि सेक्टर-35 निवासी 74 वर्षीय भीमसेन ने जहर निगलकर आत्महत्या कर ली थी।
मंदिर कमेटी के प्रधान ने नहीं उठाया फोन
सेक्टर-24 चौकी पुलिस का कहना है कि मंदिर कमेटी के प्रधान अशोक शर्मा के खिलाफ शिकायत मिली है। पुलिस जांच के बाद मामला साफ हो सकेगा। वहीं, इस संबंध में पक्ष जानने के लिए जब अशोक शर्मा के मोबाइल पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन नहीं उठाया।