हमें कोई पकड़ नहीं सकता लेकिन हमने तो हरदेव सिंह उर्फ देबा को जेल भेज ही दिया है और आपको भी जेल भेजकर छोड़ेंगे। हमें मारने की धमकियां देकर जलील किया गया लेकिन मैं चाचा को समझा बुझाकर घर छोड़ आया। रात करीब दो बजे उसके चाचा की बेटी का फोन आया कि गुरदेव सिंह ने कोई दवा खा ली है।
इसके बाद वे गुरदेव सिंह को गुरदासपुर के एक निजी अस्पताल में लेकर गए। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। जरमनजीत सिंह के बयान के आधार पर दोरांगला पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 304, 506 और 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है। सभी आरोपी फरार हैं।
गौर रहे कि पंचायत चुनाव में मौजूदा सरपंच हरपाल सिंह ने अकाली दल की तरफ से पंचायत चुनाव लड़ा था, जबकि हरदेव सिंह उर्फ देबा ने कांग्रेस की तरफ से चुनाव लड़ा था। अकाली दल के हाथों मिली हार के बाद दोनों में चुनावी रंजिश के चलते झगड़ा होने पर हरदेव सिंह देबा के खिलाफ इरादा कत्ल का केस दर्ज हुआ था। इसी केस में वह इस समय जेल में है।