10 वर्षीय बच्ची से दुराचार के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी कुलबहादुर के छोटे भाई शंकर को देर शाम गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी बच्ची के मंगलवार को जिला अदालत में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष फिर से धारा 164 के तहत दिए बयान के बाद की। बयान में बच्ची ने कुलबहादुर के छोटे भाई शंकर का नाम लिया था। बच्ची ने कहा था कि शंकर भी उसके साथ गलत काम करता था। मजिस्ट्रेटी बयान के बाद पुलिस ने बयान की अदालत से कॉपी ली। इसके आधार पर पुलिस ने शंकर को शाम को ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस आरोपी को बुधवार को अदालत में पेश करेगी।
वहीं इससे पहले सुबह आरोपी कुल बहादुर के विशेष अदालत के आदेश पर डीएनए के लिए ब्लड सैंपल लिए जाने थे लेकिन बचाव पक्ष के वकील मंजीत सिंह ने जवाब दाखिल करने के लिए निजी कारणों से एक दिन का वक्त मांग लिया। साथ ही अदालत में कहा कि कोर्ट ने केस की आगे की जांच के आदेश दिए हैं न कि केस की फिर से जांच के। बचाव पक्ष के अनुसार सिर्फ इसलिए कि डीएनए रिपोर्ट नकारात्मक थी और अभियोजन पक्ष के खिलाफ जा रही है, आरोपी को फिर से ब्लड सैंपल देने के लिए नहीं कहा जा सकता है, फिर ये हर दूसरे मामले में भी शुरू हो जाएगा।
वहीं अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि यह पुलिस की आगे की जांच का ही एक हिस्सा है। इसके लिए उन्हें अनुमति दी गई थी। फिलहाल बचाव पक्ष की ओर से बुधवार को मामले में जवाब दाखिल किए जाने के बाद अदालत फैसला लेगी कि डीएनए सैंपल लिया जाना है या नहीं।
तो इसलिए भाई को बचा रहा था कुलबहादुर
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बता दें कि इससे पहले कोर्ट के मामले की फिर से जांच के आदेश के बाद पुलिस की एक स्पेशल टीम इसकी आगे की जांच के लिए बनाई गई थी। इसी स्पेशल टीम ने अदालत में आरोपी कुलबहादुर के डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल लेने की इजाजत मांगी थी। इसी के तहत आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया था।
दोपहर में सोशल वेलफेयर टीम सदस्यों और जांच अधिकारी के साथ बच्ची अपनी मां और बड़ी बहन के साथ जिला अदालत पहुंची। करीब चार बजे के बाद अदालत में उसके मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज किए गए। सूत्रों के अनुसार बच्ची के बयान के बाद पुलिस ने अदालत से उसके बयान की कॉपी लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उसे बुधवार को अदालत में पेश करेगी। संभवत पुलिस कुलबहादुर के साथ ही शंकर के भी डीएनए टेस्ट के लिए सैंपल ले सकती है। वहीं पुलिस शंकर की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ सप्लीमेंटरी चार्जशीट दायर करेगी।
बच्ची ने अदालत में धारा 164 के तहत दिए बयान में शंकर का नाम लिया था। बच्ची ने कहा है कि वह भी उसके साथ गलत काम करता था। बयान के आधार पर मुख्य आरोपी कुलबहादुर के छोटे भाई शंकर को शाम को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जगदाले नीलांबरी, एसएसपी यूटी
तो इसलिए भाई को बचा रहा था कुलबहादुर
मंगलवार को अदालत के बाहर मुख्य आरोपी कुलबहादुर से जब पूछा गया कि उनसे डीएनए मैच नहीं हुआ है तो इसका मतलब वह जानता है कि उसके अलावा भी इस कृत्य में कोई और शामिल है। इस पर कुलबहादुर ने चुप्पी साध ली। जब उससे पूछा गया कि क्या वह जानता है तो उसने इससे इंकार कर दिया। वहीं पुलिस पूछताछ के दौरान कुलबहादूर ने कहा था कि वह यहां अकेला रहता है, जबकि पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि उसके साथ उसका छोटा भाई भी रहता है। शाम को शंकर की गिरफ्तारी से साफ जाहिर है कि कुलबहादुर जानता था कि उसका भाई भी इस कृत्य में शामिल है। इसीलिए वह उसे बचाने का प्रयास कर रहा था।