इटावा के जसवंत नगर थाना क्षेत्र के ग्राम भावलपुर में पुरानी रंजिश में मंगलवार रात शौच के लिए गए किशोर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गुस्साए परिजनों एवं ग्रामीणों ने थाने में हंगामा किया। आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले हुए विवाद में पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मृतक के पिता की तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
भावलपुर गांव निवासी सतीश यादव का बेटा सचिन यादव (16) गांव के ही कुछ लड़कों के साथ मंगलवार रात शौच के लिए खेत में गया था। वे सभी लौट रहे थे कि बाजरे के खेत में घात लगाकर बैठे हमलावरों ने सचिन को गोली मार दी। पेट में गोली लगते ही वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसके साथ मौजूद लड़के भाग कर गांव गए और सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और सचिन को इटावा स्थित निजी चिकित्सालय ले गए। जहां हालत गंभीर देख डा. मनोज यादव ने रेफर कर दिया। इस पर परिजन उसे सैफई पीजीआई ले गए, जहां सचिन ने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत की सूचना मिलते ही परिवार के लोग और ग्रामीण थाने जा पहुंचे। पुलिस पर पूर्व में हुए विवाद में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया। थाने में हंगामा होता देख प्रभारी निरीक्षक दीपक दुबे ने एसएसपी एन कोलांची को सूचना दी। इस पर कई थानोें की फोर्स जसवंतनगर थाने पहुंची। मृतक के पिता ने गांव के ही दशरथ सिंह, योगेश, दिनेश, अजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। इसमें आरोप लगाया कि 12 सितंबर को वह अपनी डीसीएम का टायर खोल रहा था। टायर से दशरथ सिंह के परिवार के सदस्य को चोट लग गई। इसी बात को लेकर दोनोें पक्षों में विवाद हुआ था। मामले में पुलिस में भी शिकायत की गई थी। इसी विवाद की वजह से उसके बेटे की हत्या कर दी गई।
पुलिस गंभीर होती तो बच जाता मेरा बेटा
भावलपुर गांव निवासी सतीश यादव एवं उनके पड़ोसी के बीच काफी दिन से विवाद चल रहा है। इस विवाद के बारे में पुलिस से भी शिकायत की गई थी, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से नहीं लिया। इतना ही नहीं 15 दिन पहले हुए विवाद में भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
सतीश यादव ने बताया कि उनके पड़ोसी दशरथ से काफी समय से विवाद चल रहा है। लगभग 15 दिन पूर्व सतीश यादव की डीसीएम का टायर बदलते समय दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति को चोट लग गई थी। इसको लेकर दोनों पक्षों में विवाद भी हुआ था। इसके बाद 12 सितंबर को भी आपस में विवाद हुआ। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज किया, लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई। ग्रामीणों का कहना था कि यदि पुलिस पहले से ही आरोपियों के खिलाफ कारवाई करती तो संभव है कि किशोर की हत्या नहीं होती। दूसरी तरफ प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मामले की जांच की जाएगी।