पानीपत-जींद रेलवे ट्रैक पर बेमेल प्रेमी जोड़े ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जीवनलीला खत्म कर ली। प्रेमी नारा गांव का अविवाहित युवक था, जबकि प्रेमिका गांव की ही चार बच्चों की मां थी। दोनों एक साथ मजदूरी करते थे और बीती रात को अचानक गायब हुए थे। दोनों के शव गोशाला के पास ट्रैक पर पड़े मिले हैं। जीआरपी ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। परिजनों ने दोनों का अपने रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार कर दिया।
पानीपत-जींद रेलवे ट्रैक पर शिव गोशाला और नारा गांव के बीच मंगलवार सुबह एक महिला व युवक का शव पड़ा मिला। ग्रामीण सूचना मिलते ही ट्रैक पर पहुंचे और दोनों की पहचान की। इसके बाद जीआरपी पानीपत पहुंची। पुलिस ने दोनों की शिनाख्त जसबीर (22) निवासी नारा व कविता (33) निवासी नारा के रूप में कराई। गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। जीआरपी ने इस मामले में धारा 174 के तहत कार्रवाई की है।
ड्राइवर ट्रेन का बजाता रहा हॉर्न
ग्रामीणों की मानें तो दोनों ने बीती देर रात को ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दी है। गांव के कुछ किसान खेतों में पानी लगा रहे थे। देर रात को आने वाली ट्रेन के चालक ने काफी देर तक हॉर्न भी बजाए और ट्रेन को धीमा भी किया।
किसानों को उसी समय किसी हादसे के होने का अंदेशा हुआ और वे मौके पर पहुंचे, लेकिन वे अंधेरे के चलते शवों की पहचान नहीं कर सके और वापस चले गए।
दोनों एक साथ करते थे मजदूरी
कविता की करीब डेढ़ दशक पहले शादी हुई थी। उसके चार बच्चे थे। पति-पत्नी एक साथ मजदूरी करते थे। यहीं पर जसबीर भी मजदूरी करता था। इसी बीच जसबीर व कविता के बीच नजदीकियां बनीं।
वर्जन
पानीपत-जींद रेलवे ट्रैक पर नारा गांव के नजदीक एक युवक व एक महिला का शव मिला है। प्राथमिक जांच में आत्महत्या का मामला लगता है। जीआरपी ने शवों के पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
-रणधीर सिंह, प्रभारी, जीआरपी, पानीपत
जगमहेंद्र-हरेंद्र