विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने फेसबुक पर लाइव होकर एडिशनल डायरेक्टर को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया। अब वे इसकी शिकायत सीएम और विजिलेंस विभाग को करेंगे। मामला पंजाब के लुधियाना का है। लोक इंसाफ पार्टी प्रमुख और विधायक सिमरजीत सिंह बैंस ने बुधवार को ट्रैप लगाकर मामले का पर्दाफाश किया।
उन्होंने पंजाब लेबर विभाग के फैक्टरी विंग में तैनात एडिशनल डायरेक्टर ऑफ फैक्ट्रीज एमपी बेरी को कारोबारी से 25 हजार रुपये लेते काबू किया। बैंस ने पूरा घटनाक्रम फेसबुक पेज पर लाइव होकर लोगों को दिखाया। विधायक बैंस को देखते बेरी ने पहले माफी मांगी, फिर परिवार की दुहाई देकर छोड़ने के लिए कहा।
स ने साफ कहा कि वह इस मामले की लिखित शिकायत सीएम ऑफिस और विजिलेंस विभाग से करेंगे। इसके बाद उन्हें वहां से जाने दिया गया।
काफी समय से बेरी के खिलाफ मिल रही थीं शिकायतें
विधायक बैंस के अनुसार, एमपी बेरी के खिलाफ लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें मिल रही थीं। लगभग एक माह पहले उन्होंने खुद फोन कर उन्हें समझाया था कि वे यह काम बंद कर दें। इसके बावजूद वे नहीं माने। वे लुधियाना निवासी जगदीप सिंह को लाइसेंस जारी करने के नाम पर परेशान कर रहे थे।
जगदीप तीन बार चंडीगढ़ स्थित उनके दफ्तर के भी चक्कर लगा चुका था। बेरी ने दस्तावेज देने के नाम पर 35 हजार रुपये की मांग की, लेकिन सौदा 25 हजार रुपये में तय हुआ। बुधवार को खुद एमपी बेरी चंडीगढ़ से लुधियाना कारोबारी को दस्तावेज देने पहुंच गए थे। 25 हजार के सभी नोटों की फोटोस्टेट कॉपी पहले कर ली गई थी। पैसे लेते हुए बेरी को होटल में रंगे हाथ दबोच लिया गया।
1.50 लाख सैलरी, फिर भी दिल नहीं भरा
एमपी बेरी के पास से पैसे बरामद होने पर उन्होंने कहा कि यह पैसा खुद कारोबारी ने बधाई के तौर पर दिया है। फटकार लगाए जाने पर उन्होंने परिवार का वास्ता देकर छोड़ने की बात कही। खुद बेरी ने बताया कि वह एक्सटेंशन पर चल रहे हैं। उन्हें हर माह 1.50 लाख रुपये सैलरी मिलती है। बैंस ने लताड़ लगाते कहा कि जब उनका दिल 1.50 लाख से नहीं भरा, तो अब कारोबारियों से लूट कर कैसे भर सकता है।