जिस जमीन का पहले ही किसी से सौदा हो चुका था, उसे फिर से किसी और को बेचने का एग्रीमेंट कर लिया। खास बात यह है कि जमीन का मालिकाना हक नहीं होते हुए भी यह सौदा किया गया।
आखिरकार, भंडाफोड़ हो गया और मामला पुलिस तक पहुंचा। आरोप लगे कि चंडीगढ़ निवासी खरीदार के 46 लाख रुपये भी नहीं लौटाए गए। ईओडब्ल्यू में जांच के बाद दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। फिलहाल कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस के मुताबिक, चंडीगढ़ के सेक्टर-44 निवासी मनजीत सिंह किसी जानकार के मार्फत पिंजौर के मढ़ावालां निवासी रन सिंह व जीत राम के संपर्क में आए।
मनजीत सिंह इस एरिया में जमीन खरीदना चाहते थे। रन सिंह ने उन्हें नानकपुर-मढ़ावालां रोड पर जमीन दिखाई और यह जमीन मनजीत को पसंद आ गई।
इसका सौदा 70 लाख रुपये में हो गया और मनजीत ने 46 लाख रुपये बयाना दे दिए। एग्रीमेंट में जमीन को जाने वाले रास्ते की चौड़ाई 150 फुट दिखाई गई, लेकिन कुछ समय बाद मनजीत को पता चला कि रास्ता इतना चौड़ा नहीं है। वह खेत को जाने वाला गोहर है। इस बात पर दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई।
इसी बीच रन सिंह ने यह जमीन किसी और को बेचने का सौदा कर लिया, जबकि एक बयाना मनजीत सिंह से पहले ही लिया जा चुका था। उससे पहले एक और बयाना किसी अन्य से भी लिया जा चुका था।
इस गोलमाल का पता चलने पर जब मनजीत ने पैसे वापस मांगे तो उन्हें पैसे वापस नहीं लौटाए गए। इसके बाद मनजीत ने पुलिस को शिकायत दी और जांच के लिए मामला ईओडब्ल्यू में पहुंचा।
इसके बाद रन सिंह व जीत राम के खिलाफ पिंजौर थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया।