बेटी के साथ मनीमाजरा अस्पताल में आंखों का इलाज करवाने आई महिला को दो महिलाओं ने बेहोश कर उसके गहने और कैश लूट लिया।
घटना के बाद बेहोश महिला को मनीमाजरा अस्पताल के डॉक्टरों ने सेक्टर-16 स्थित सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया, लेकिन हालत में सुधार न होता देख यहां से भी महिला को पीजीआई रेफर करना पड़ा। यहां मंगलवार रात को महिला ने दम तोड़ दिया।
महिला विजय की बेटी नेहा ने बताया कि वह सोमवार सुबह अपनी मां को लेकर मनीमाजरा अस्पताल गई थी। इस दौरान उसने मां की आंखें चेक करवाईं और खुद गायनी डॉक्टर के पास चली गई। डॉक्टरों ने उन्हें मंगलवार सुबह आकर टेस्ट करवाने की सलाह दी।
नेहा ने बताया कि करीब 12 बजे जब वह चलने लगी तो दो महिलाएं उसे मिलीं। उन्होंने कहा कि वे सभी टेस्ट करवा देंगी। उनमें से एक महिला उनको बेसमेंट से ऊपर ले आई।
नेहा का आरोप है कि उस महिला ने उसे बेसुध करके कुर्सी पर बैठा दिया। इसके बाद जब आधे पौने घंटे बाद उसे होश आया तो वह बेसमेंट में गई। मगर उसे न तो वहां अपनी मां मिली और न ही वे दोनों महिलाएं।
इमरजेंसी में एडमिट किया था
नेहा ने बताया कि उसे पता चला कि एक महिला बेहोशी की हालात में गिरी मिली है। उसे इमरजेंसी में एडमिट किया गया है। नेहा जब इमरजेंसी पहुंची तो पता चला कि वह उसकी मां है।
उसने देखा कि मां के हाथ में पहने हुए कड़े, अंगूठी, चेन, कानों की बालियां आदि गायब थीं। पर्स में से 6 हजार रुपये भी गायब थे। उसके बाद उसके पापा बद्री प्रसाद वर्मा भी अस्पताल पहुंच गए।
मनीमाजरा के डॉक्टरों ने मां को सेक्टर-16 के अस्पताल रेफर कर दिया। जब मां ठीक नहीं हुई तो मंगलवार को उन्हें पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में मंगलवार रात को साढ़े 11 बजे उसकी मां की मौत हो गई।
नेहा ने बताया कि बुधवार देर शाम को उन्होंने मनीमाजरा पुलिस को शिकायत दे दी है कि उन दो महिलाओं ने उनकी मां को लूटा है और जिस दवा से उनकी मां को बेहोश किया गया, उसी से ही उनकी मां की मौत हुई है।