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कोठी कब्जाने का मामला: अब 50 हजार के इनामी खलिंदर कादियान ने किया आत्मसमर्पण, एसआईटी को तीन दिन का रिमांड मिला

Sat, 26 Jun 2021 03:43 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एसआईटी के मुताबिक, सेक्टर-11 निवासी आरोपी खलिंदर सिंह कादियान की करोड़ों की कोठी में 67 फीसदी हिस्सेदारी थी। उसने सेक्टर-8 के एक बैंक में गुरप्रीत सिंह (नकली राहुल मेहता) के साथ ज्वाइंट खाता खोला था। कोठी बिकने के बाद उस खाते में 1.87 करोड़, फिर 67 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे। बाद में यह रकम खाते से निकलवा कर अन्य काम करवाया गया। बता दें कि मामले में बीते दो मार्च को एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार चल रहा था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में अब 50 हजार के इनामी आरोपी खलिंदर सिंह कादियान ने शुक्रवार दोपहर को जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके बाद एसआईटी ने गिरफ्तार कर तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। खलिंदर सिंह करीब साढे़ 3 महीने से फरार चल रहा था। इस मामले में अब तक सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

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एसआईटी को मामले में अभी चार आरोपियों अशोक, दिलजीत, शेखर और 50 हजार के इनामी सौरभ गुप्ता की तलाश है। शुक्रवार को लगभग 12 बजे एसआईटी को सूचना मिली कि करोड़ों की कोठी कब्जाने के मामले में फरार चल रहे आरोपी खलिंदर सिंह कादियान ने जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। इसके बाद एसआईटी अदालत पहुंची और आरोपी को पकड़कर जिला अदालत से 5 दिन का रिमांड मांगा। 

अदालत ने एसआईटी का पक्ष सुनने के बाद खलिंदर सिंह को तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, पुलिस पूछताछ में सामने आया कि खलिंदर सिंह कादियान ने उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित एक फ्लैट में अपना ठिकाना बना रखा था। बीते 4 दिनों से एसआईटी के लगातार छापामारी और जानकारों के दबाव में आकर खलिंदर ने आत्मसमर्पण किया है। देर रात तक एसआईटी पूछताछ करने में जुटी हुई थी।
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इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी
मामले के मुताबिक दिसंबर 2020 में सेक्टर-37 के कोठी नंबर 340 के किराएदार प्रदीप रतन ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह जिस कोठी में किराएदार है, उसे कुछ लोग कब्जाने की कोशिश कर रहे हैं। शिकायत में पत्रकार संजीव महाजन समेत कई आरोपियों के नाम थे। इसके बाद एसआईटी ने संजीव महाजन, सेक्टर-39 थाने के तत्कालीन थाना प्रभारी राजदीप सिंह, डीएसपी के भाई सतपाल डागर और मनीष गुप्ता को गिरफ्तार किया था। वहीं, दो सप्ताह पहले गुरप्रीत सिंह (नकली राहुल मेहता) और शराब कारोबारी अरविंद सिंगला ने जिला अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था।

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