कुंडली धरना स्थल पर अब तक तीन किसान जहर खा चुके हैं। जिसमें नौ जनवरी को अमरिंदर की मौत हो गई थी। वहीं पंजाब के जिला तरनतारन के गांव पटलपाई के किसान निरंजन (65) ने 21 दिसंबर को दोपहर को धरना स्थल पर सल्फास खा लिया था। उन्हें अस्पताल में उपचार दिलाकर बचा लिया था। अब लाभ सिंह को गंभीर हालत में अस्पताल में उपचार दिया जा रहा।
दिल्ली आंदोलन से लौटे किसान ने फंदा लगाकर की खुदकुशी
उधर, पंजाब के बरनाला में दिल्ली धरने से लौटे भारती किसान यूनियन डकौंदा के नेता किसान निर्मल सिंह (45) निवासी धौला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि निर्मल सिंह 15 दिनों से दिल्ली धरने में राशन लेकर जा रहे थे। भारतीय किसान यूनियन डकौंदा के ब्लॉक प्रधान कुलदीप सिंह धौला एवं धौला इकाई के प्रधान गुरजंट सिंह व बलदेव सिंह ने बताया कि एक तरफ वह कर्ज से तो दूसरी तरफ कृषि कानूनों से परेशान था।
किसान नेताओं ने बताया कि मृतक अपने पीछे पत्नी, दो नाबालिग बच्चे छोड़कर गया है। किसान नेताओं ने मृतक के परिवार को 10 लाख मुआवजा, एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। साथ ही उसका पांच लाख का कर्ज माफ करने की अपील भी की। इसके बाद ही अंतिम संस्कार किया जाएगा। थाना रूडेके कलां के थाना प्रभारी गुरतेज सिंह ने बताया कि मामला उच्च अधिकारियों के ध्यान में ला दिया गया है। उन्होंने मामले के समाधान के लिए तहसीलदार तपा की ड्यूटी लगा दी है।