पुलिस सूत्रों के मुताबिक माही उर्फ शेर सिंह (12) को गुरविंदर सिंह ने 16 सितंबर को घर के बाहर खेलते समय अगवा किया था। बच्चे को अगवा कर गुरविंदर उसे मोगा के मोहल्ले स्थित एक घर में किसी महिला के पास छोड़ आया था। माही बहुत रो रहा था। आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने आकर घर को किसी तरह खोला, तो देखा कि माही के साथ एक महिला मौजूद थी।
पुलिस पूछताछ में महिला ने बताया कि गुरविंदर सिंह उसके पास बच्चे को छोड़कर गया है। मोगा पुलिस ने बच्चे के माता-पिता को फोन कर मोगा बुलाया और बच्चा उनके हवाले किया। उसके बाद थाना सदर फिरोजपुर पुलिस ने माही के पिता जगरूप सिंह के बयान पर आरोपी गुरविंदर सिंह समेत तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था।
जगरूप ने पुलिस को बताया था कि आरोपी ने उन्हें फोन कर धमकी दी थी कि उन्हें 22 लाख रुपये नहीं दिए तो उनके बच्चे को जान से मार देंगे। 16 सितंबर की रात दस बजे के करीब आरोपियों का टेलीफोन आना था कि पैसे कहां और किसे देने हैं। उससे पहले मोगा पुलिस ने बच्चे को ढूंढ लिया। पुलिस का कहना है कि अपहरण में गुरविंदर सिंह के नाम का खुलासा होने के बाद से वह फरार है। पुलिस गुरविंदर की तलाश कर रही थी। बुधवार को पता चला कि गुरविंदर ने चंदभान रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन तले आकर खुदकुशी कर ली है।