दुराचार के आरोपियों ने 11 मार्च को अदालत में होने वाली गवाही से पहले ही लड़की का अपहरण कर लिया।
पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी बेटी को नौ मार्च को घर से बाहर से दुराचार में शामिल आरोपी उठा ले गए। पुलिस ने लड़की का मंगलवार देर शाम स्थानीय लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल में मेडिकल करवाया।
पीड़िता के पिता के मुताबिक 10वीं कक्षा की छात्रा उसकी बेटी से नवंबर 2013 में चार युवकों ने दुराचार किया था। इस संबंध में सिटी थाने में मामला दर्ज किया गया था, लेकिन पुलिस ने चार में से दो ही आरोपियों को गिरफ्तार किया।
दो अन्य पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसी मामले में 11 मार्च को अदालत में पीड़िता की गवाही होनी थी।
पीड़िता अदालत में पेश न हो सके, इसीलिए आरोपियों ने नौ मार्च को सूमो गाड़ी में अपहरण कर कैथल उठा ले गए। वहां उसे एक कमरे में बंधक बनाकर रखा और डराने-धमकाने के साथ कई तरह से प्रताड़ित किया।
पीड़िता के पिता ने बताया कि पुलिस ने सोमवार को इस मामले में जीरो एफआईआर दर्ज की थी। मंगलवार को पता चला कि उनकी लापता बेटी कैथल में है।
उन्होंने इस पर पुलिस को जानकारी दी। देर शाम समाचार लिखे जाने तक पुलिस कार्रवाई जारी थी। पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया कि अपहरण के इस मामले में दुराचार के वे सभी आरोपी शामिल हैं, जिनके खिलाफ नवंबर 2013 में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
उधर, डीएसपी निर्मल सिंह का कहना है कि पुलिस जांच कर रही है। लड़की का मेडिकल कराया गया है। इसमें जो भी आरोपी होगी, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।