रतनदीप सिंह और रमनदीप सिंह गोल्डी के बाद पुलिस ने एक और कुख्यात आतंकी हरमिंदर मिंटू को गिरफ्तार कर लिया है। खालिस्तान लिबरेशन फोर्स के प्रमुख हरमिंदर सिंह मिंटू को थाईलैंड से काबू कर दिल्ली लाया गया, जहां पंजाब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
मिंटू के साथी गुरप्रीत सिंह गोपी भी पकड़ा गया है। आरोप है कि मिंटू ने पिछले साल शिवसेना के तीन नेताओं की हत्या की साजिश रची थी। वह दस आतंकी वारदात में वांटेड है।
डीजीपी सुमेध सैनी ने बताया कि काउंटर इंटेलिजेंस को मिंटू और गोपी के थाईलैंड में होने की जानकारी मिली थी। इसे केंद्रीय एजेंसियों से साझा किया गया। डीएसपी आरएस सोहल और इंस्पेक्टर मनदीप सिंह ने तीन हफ्ते थाईलैंड रह कर वहां की अथॉरिटी से तालमेल स्थापित किया।
छानबीन में सामने आया कि मिंटू ने मलयेशिया में गुरदीप सिंह के नाम से फर्जी पासपोर्ट बनवाया था। उसके पास मलयेशिया का फर्जी आई कार्ड भी था। एसएसपी जालंधर देहात नरिंदर भार्गव की अगुवाई में टीम ने दोनों आतंकियों को गिरफ्तार किया।
डीजीपी सैनी ने कहा कि आईएसआई मिंटू और अन्य के जरिए पंजाब का माहौल खराब करना चाहती थी। यहां सांप्रदायिक तनाव पैदा कर दोबारा आतंकवाद लाने का मकसद था। पिछले तीन सालों के दौरान सबसे ज्यादा सक्रिय आतंकी मिंटू ही था। मिंटू को जालंधर और गोपी को गुरदासपुर की अदालत में पेश किया जाएगा।
तीन नेताओं को मारने की थी साजिश
डीजीपी सैनी ने बताया कि हरमिंदर मिंटू ने पंजाब में तीन शिवसेना नेताओं को मारने की साजिश रची थी। इन नेताओं में अमृतसर के सुरिंदर बिल्ला, गुरदासपुर के हरविंदर सन्नी और पठानकोट के योगराज शर्मा शामिल थे। पर पुलिस ने कई गिरफ्तारियां कर साजिश नाकाम कर दी।
पुलिस ने सुखजिंदर सिंह, नरिंदर पाल सिंह, सुरिंदर छिंदा को गिरफ्तार किया, जिन्हें शर्मा की हत्या की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। करनदीप हैरी, जगदीप सिंह व सतबीर सिंह को सुरिंदर बिल्ला की हत्या का काम दिया गया था, इन्हें भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
मिंटू ने संत गुरमीत राम रहीम की हत्या के लिए मनजीत सिंह जीता को तैयार किया था। जिसे पाकिस्तान में आर्म्स ट्रेनिंग दी गई, पुलिस ने 2009 में उसे गिरफ्तार कर लिया। मिंटू ने प्यारा सिंह भनियारा वाले को मारने की भी साजिश रची थी ताकि विदेशों से फंड मिल सके।
उसने 15 अगस्त-14 को भी धमाकों की साजिश रची थी। दिसंबर-07 में मिंटू ने रोपड़ व चमकौर साहिब में दो मॉड्यूल को हथियार दिए। पुलिस की दबिश के बाद वह मलयेशिया भाग गया और वहां से पाकिस्तान पहुंचा।
आतंकी गुटों को एकजुट कर रही आईएसआई: डीजीपी सुमेध सैनी ने बताया कि पाक खुफिया एजेंसी सभी आतंकी गुटों को एकजुट कर रही है। सभी आतंकी अपने-अपने ग्रुप बना कर काम कर रहे थे। पर आईएसआई का मकसद इनमें तालमेल बना कर आतंकी वारदात को अंजाम देना है। आईएसआई ने पिछले तीन सालों में लगातार इनकी कोआर्डिनेशन मीटिंग कराईं। पाकिस्तान के बाद आतंकियों के मुख्य ठिकाने दक्षिण-पूर्व एशिया, यूके, कनाडा और कुछ हद तक यूएसए में हैं।
मिंटू के खिलाफ दस मामले
हरमिंदर मिंटू के खिलाफ दस मामले दर्ज हैं। इनमें लुधियाना देहात, रोपड़, जालंधर देहात, पटियाला, सुधार, नाभा, अमृतसर, गुरदासपुर, जालंधर के थानों में दर्ज मामले शामिल हैं।