बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में शुक्रवार को दो आरोपियों ने कोर्ट में बयान दर्ज कराए। आरोपी ट्रक ड्राइवर तिलकराज व चार्जशीट के मुताबिक विधायक रामकुमार चौधरी के साथ गाड़ी में मौजूद परमजीत उर्फ पम्मा के बयान दर्ज हुए और दोनों ने ही खुद को बेकसूर बताया।
परमजीत ने तो यहां तक कह दिया कि वह तिलकराज को जानता ही नहीं है। कुल मिलाकर अब तक पांच आरोपियों के बयान दर्ज हो चुके हैं और सबने खुद को निर्दोष बताया है। अब 14 जुलाई को अन्य आरोपियों के बयान दर्ज होंगे।
तिलकराज का बयान और उसके खिलाफ साक्ष्य
तिलक राज ने कहा कि वह बेकसूर है और इस केस से जुड़े किसी व्यक्ति से उसका संबंध नहीं है। उसके पास न तो ड्राइविंग लाइसेंस है और न ही वह ड्राइवर है। ट्रक के मालिक अमरजीत ने कोर्ट में दिए अपने बयान में कहीं जिक्र नहीं किया कि मैं उसके ट्रक पर ड्राइवर हूं।
अमरजीत कोर्ट में यह भी कह चुका है कि वारदात वाली रात उसका ट्रक बद्दी में था। ट्रक पंचकूला गया ही नहीं। ज्योति की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी आया है कि उसके सिर से कोई भारी वाहन निकालने की कोशिश की गई, लेकिन कहीं साफ नहीं है कि वह ट्रक ही था।
पुलिस चार्जशीट के मुताबिक, तिलकराज मोबाइल नंबर 9882239372 इस्तेमाल कर रहा था। यह नंबर अन्य आरोपियों के साथ वारदात वाले दिन चल रहा था। परमजीत ने इसी नंबर पर फोन करके ट्रक को बद्दी से मंगाया था। इसके अलावा चंडीमंदिर टोल प्लाजा का भी रिकार्ड है, जिसमें वारदात वाली रात ट्रक पंचकूला में आया। हालांकि, रिकार्ड में सिर्फ आखिरी चार नंबर आते हैं और वह नंबर वारदात में इस्तेमाल हुए ट्रक का ही है।
परमजीत उर्फ पम्मा का बयान
परमजीत ने कोर्ट में कहा कि वह तिलक राज को जानता ही नहीं है। उसने कभी 9882239372 पर फोन नहीं किया। पुलिस के पास सबूत नहीं है कि 9882157080 नंबर उसका है।
पुलिस केस के मुताबिक अमरजीत का भाई परमजीत है। बंटवारे में ट्रक परमजीत के पास आया था और उसे वही इस्तेमाल करता था। वारदात वाले दिन परमजीत ऑल्टो कार से पंचकूला आया था।
इसके बाद रामकुमार व अन्य लोगों से मिला। ट्रक भी पंचकूला में परमजीत के कहने पर आया था।