22 नवंबर 2012 : पंचकूला के सेक्टर-21 में होशियारपुर की युवती ज्योति का ट्रक से कुचला हुआ शव मिला। उसके पर्स से राम कुमार चौधरी का विजिटिंग कार्ड मिला।
24 नवंबर 2012 : ज्योति के पिता बूटी राम ने राम कुमार पर हत्या का आरोप लगाया। साथ में उनकी बड़ी बेटी की शादी में राम कुमार की तस्वीर भी कोर्ट में दिखाई
25 नवंबर 2012 : बद्दी में चौधरी के घर में पंचकूला पुलिस ने रेड की
20 दिसंबर 2012 : हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित हुआ। राम कुमार विधायक बने।
21 दिसंबर 2012 : पंचकूला कोर्ट ने चौधरी का अरेस्ट वारंट जारी किया।
8 जनवरी 2013 : चौधरी ने कोर्ट में सरेंडर किया।
16 जनवरी 2013 : हिमाचल कांग्रेस ने चौधरी राम कुमार को पार्टी से निष्कासित किया।
19 मार्च 2013 : बूटीराम की शिकायत पर कोर्ट ने पंचकूला पुलिस से जांच रिपोर्ट तलब की।
29 जुलाई 13: कोर्ट में ज्योति की हत्या के मामले में चौधरी और उसके साथियों पर आरोप तय किए।
03 जनवरी 14: बूटीराम ने पुलिस आयुक्त के सामने खुलासा किया कि उस पर दबाव होने के कारण वह बयान से पलट गया था। इस संबंध में उसने सीडी भी तत्कालीन पुलिस आयुक्त को सौंपा। इसमें उसने विधायक, उनकी पत्नी सहित अन्य पर भी धमकी देने का आरोप लगाए थे।
11 सितंबर 2014 : कोर्ट ने राम कुमार और उसके साथियों को सभी आरोपों से बरी किया।