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बेटी के लिए इंसाफ मांग रहा बाप बयान से पलटा

Tue, 24 Dec 2013 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, पंचकूला
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बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में सोमवार को हुए कोर्ट ट्रायल के बाद पुलिस को तगड़ा झटका लगा।
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इस केस का शिकायतकर्ता यानी ज्योति का पिता बूटी राम ही अपने पूर्व बयान से पलट गया। सोमवार को बूटी राम के अलावा तीन अन्य लोगों की भी गवाही हुई, लेकिन बूटी राम होस्टाइल हो गया।

बूटी राम ने कोर्ट में कहा कि वह नहीं जानता कि रामकुमार चौधरी कौन है। उसे नहीं पता था कि उसकी बेटी कैसे चौधरी के संपर्क में आई, जबकि इस केस में बूटी राम ही शिकायतकर्ता है और वारदात की बेहतर ढंग से जांच कराने के लिए वह हाईकोर्ट तक भी गया था।
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जब उससे पूछा गया है कि रामकुमार चौधरी उसकी दूसरी बेटी की शादी में आया था और उसकी फोटो भी दिखाई तो बूटी राम का जवाब चौंकाने वाला था।

उसने कहा कि शादी में बहुत लोग आते हैं। वह अपने मेहमानों के स्वागत में व्यस्त था। उसे नहीं पता कि कोई रामकुमार चौधरी भी इस शादी में आया था।

इतना ही नहीं, बूटी राम ने कोर्ट में कहा कि वारदात वाले दिन उसे पुलिस का फोन गया। वह थाने में आया और ज्योति के कपड़े व आई कार्ड पर लगी फोटो से पहचान की।

उसके बाद अस्पताल में शव देखकर शिनाख्त की, जबकि बूटी राम के पूर्व बयानों में उसने मौके पर जाकर शव की शिनाख्त करने की बात कही थी।

बूटी राम ने अब कोर्ट में कहा कि उसे नहीं पता पुलिस ने क्या किया है। उसके जो भी पहले के बयान हैं, उनके बारे में जानकारी नहीं है।

उधर, कोर्ट से बाहर मीडिया ने जब पूछा कि आपने कोर्ट में क्या बयान दिया है तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

मामा की भी हुई गवाही
बूटी राम के अलावा ज्योति के मामा लखविंद्र की भी गवाही हुई। उसने कोर्ट में कहा कि वह रामकुमार चौधरी से पहले कभी नहीं मिला।

जब कोर्ट में उसे शादी की फोटो दिखाई गई तो उसने कहा कि यह फोटो उसे घर में रखी एलबम से मिली थी।

पहले भी मुकर चुके हैं गवाह
इस केस में डॉक्टर भी अपने बयान पलट चुके हैं। ज्योति का पोस्टमार्टम करने वाले बोर्ड की डॉक्टर भी पिछली गवाही में होस्टाइल हो गई थी और वह भी बयान से पलट गई थी। इसके अलावा जिस अस्पताल में ज्योति का गर्भपात हुआ था, वहां की डाक्टर भी बयान से पलट चुकी है।
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अब आगे क्या
भले ही बूटी राम कोर्ट में होस्टाइल हो गया, लेकिन पुलिस पक्ष अब भी इस केस को मजबूत मानकर चल रहा है। पुलिस का सबसे मजबूत पक्ष है कॉल डिटेल्स और टावर लोकेशन, जो वारदात के दिन ज्योति और रामकुमार चौधरी के एक साथ होने व पुराना संपर्क होने का सबूत है। इसके अलावा गर्भपात के फार्म पर भी रामकुमार चौधरी के साइन लैब में मैच हो चुके हैं।
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