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ज्योति मर्डर केसः फिर कठघरे में नजर आएंगे विधायक रामुकमार

Fri, 31 Jul 2015 09:15 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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बहुचर्चित ज्योति मर्डर केस की पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए एक और जंग लड़ी जाएगी। केस की पैरवी अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में होगी। हरियाणा सरकार व ज्योति के पिता बूटी राम की ओर से दाखिल अपील हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए एडमिट कर ली है।
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अब यह मामला अन्य मामलों की तरह ही सुनवाई के लिए आएगा। संभावना है कि अगले साल जनवरी से सुनवाई शुरू होगी। हरियाणा सरकार की ओर से दाखिल अपील में पंचकूला अदालत के फैसले को रद्द करने और चौधरी को दोषी करार देने की मांग की गई थी।

हरियाणा सरकार के अलावा ज्योति के पिता बूटी राम ने भी अपील दाखिल की है। दोनों ने अपील में कहा है कि निचली अदालत ने कई तथ्यों पर गौर नहीं किया। अब हाईकोर्ट ने मामले में नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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पंचकूला अदालत ने किया था रामकुमार को बरी

पुलिस की कमजोर पैरवी के कारण पंचकूला अदालत ने तथ्यों के अभाव में रामकुमार चौधरी व अन्य को बरी करार दिया था। जिला अदालत ने फैसले में यह भी कहा था कि पुलिस अपनी ही कहानी को साबित करने में नाकाम रही है। पुलिस की इस नाकामी को मीडिया ने जोर शोर से उठाया था।

पुलिस पर आरोप लगने पर पुलिस प्रमुख ने ज्योति कत्ल केस की जांच में शामिल पुलिस की भूमिका की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि दो डीएसपी, एक इंस्पेक्टर व दो एएसआई ने जांच में कोताही बरती है।

एसआईटी ने सिफारिश की थी कि रामकुमार चौधरी को बरी करने के जिला अदालत के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी जानी चाहिए। एसआईटी की रिपोर्ट के बाद कानूनी राय के लिए कार्रवाई शुरू हुई थी। यह सभी औपचारिक्ताएं मुकम्मल होने के बाद ही सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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