बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में शुक्रवार को कोर्ट में डीएसपी सुरेश कौशिक का क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ। इस दौरान वह उन हस्ताक्षरों को पहचान नहीं पाए, जो सिम कार्ड डीलर के हैं।
यह उन्हीं सिम के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर थे, जो पुलिस के मुताबिक फर्जी पते पर लिए गए थे। डीएसपी सुरेश कौशिक के अलावा एएसआई सुरेंद्र व मधुबन लैब से एक्सपर्ट डॉक्टर नरेंद्र कुमार के भी बयान दर्ज हुए। डॉ. नरेंद्र ने कोर्ट में नर्सिंग होम की सीसीटीवी रिपोर्ट के बारे पुष्टि की।
दरअसल, कोर्ट में लैब से रिपोर्ट आई थी कि सीसीटीवी का डाटा रिट्राइव हो गया है, लेकिन वह प्ले नहीं हो रहा है।
वहीं डीएसपी सुरेश कौशिक ने क्रॉस एग्जामिनेशन में कहा कि वह सिम डिलर पंकज भंडारी, आशीष व सतीश को नहीं जानते, क्योंकि जब उनके पास केस की जांच आई तो उससे पहले उक्त तीनों से पूछताछ हो चुकी थी।
जहां तक सिम डिलर के साइन की बात है, तो वह क्लीयर नही है। लिहाजा पहचान करना मुश्किल है। बता दें कि पुलिस ने लैब से सिम डीलरों की राइटिंग मैच नहीं कराई थी।