बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड में वीरवार को डीएसपी एवं इस मामले के पहले जांच अधिकारी वीरेंद्र सांगवान का कोर्ट में क्रॉस एग्जामिनेशन हुआ। इस दौरान बचाव पक्ष की तरफ से पूछे गए सवाल और मोबाइल टावर की लोकेशन पर काफी देर तक बहस चली।
बचाव पक्ष ने जब ज्योति के मोबाइल के बारे में पूछा तो सांगवान ने कहा कि ज्योति ने मोबाइल पर आखिरी बार जीरकपुर लोकेशन से 22 नवंबर 2012 की रात साढ़े नौ बजे अपने पिता से बातचीत की थी। इसके बाद ज्योति का फोन बंद हो गया।
हालांकि, ज्योति के पिता बूटी राम पहले ही कोर्ट में गवाही दे चुके हैं कि ज्योति ने उन्हें कॉल करके कहा था कि वह हिमाचल के विधायक रामकुमार चौधरी के साथ है।
इसके बाद उससे मोबाइल पर संपर्क नहीं हुआ। अब जांच अधिकारी के बयान से पुलिस केस को और मजबूती मिली है।
वहीं, बचाव पक्ष ने दूसरा सवाल उठाया कि पुलिस जिन मोबाइल नंबरों को आरोपियों के बताकर पंचकूला में लोकेशन बता रही है, उनमें से कुछ नंबर मिस हैं। जो पंचकूला के डाटा में हैं, लेकिन हिमाचल में नहीं है।
इस पर जवाब दिया गया कि जब किसी भी सर्कल का नंबर चलते हुए दूसरे सर्कल में जाएगा तो वह पुराने सर्कल में मिस हो जाएगा।
उसकी लोकेशन नए सर्कल में आएगी। बहरहाल, क्रास एग्जामिनेशन को शुक्रवार के लिए टाल दिया गया। अब आरोपियों से हुई रिकवरी के बारे जिरह हो सकती है।