4 अप्रैल 2015 को सेंटल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) ऑफलाइन (पेपर-पैंसिल) की तिथि तय कर दी है। लेकिन, सीबीएसई ने इस बार भी चंडीगढ़ में एग्जाम सेंटर नहीं बनाया है।
जेईई मेन के लिए स्टूडेंट और अभिभावकों को कुरुक्षेत्र से लेकर बठिंडा और शिमला में बने सेंटर पर जाना होगा। ऑफलाइन जेईई में ट्राइसिटी से 8 से 10 हजार स्टूडेंट अपीयर होंगे। उधर, 10 और 11 अप्रैल को होने वाली ऑनलाइन परीक्षा के लिए भी चंडीगढ़ में कोई सेंटर नहीं बनाया गया है।
परीक्षा केंद्र के कारण स्टूडेंट दुविधा में
जेईई मेन परीक्षा देने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के विकल्प स्टूडेंट को मिलते हैं। लेकिन, किसी भी परीक्षा का सेंटर चंडीगढ़ में नहीं होने के कारण स्टूडेंट आवेदन को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं। जेईई की तैयारी कर रही छात्रा शीतल ने बताया कि सीबीएसई को चंडीगढ़ में भी एग्जाम सेंटर बनाना चाहिए। इससे काफी स्टूडेंट की दिक्कत दूर हो जाएगी।
शहर में होती हैं सभी बड़ी परीक्षाएं
सालों से सिविल सर्विसेज, स्टॉफ सलेक्शन कमीशन (एसएससी), एनडीए, सभी बैंकों के लिए परीक्षाओं का सेंटर चंडीगढ़ बनता है। चंडीगढ़ में बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर होने के बावजूद सीबीएसई ने जेईई ऑफलाइन परीक्षा केंद्र नहीं बनाया है। उधर, ऑनलाइन परीक्षा के लिए चंडीगढ़ से 25 से 30 किलोमीटर दूर निजी संस्थानों में परीक्षा कराई जाती है।
स्टूडेंट चलाएंगे हस्ताक्षर अभियान
चंडीगढ़ में जेईई मेन परीक्षा सेंटर नहीं बनाए जाने पर ट्राइसिटी के काफी स्टूडेंट परेशान हैं। विभिन्न कोचिंग सेंटर पर तैयारी कर रहे स्टूडेंट ने कहा कि जल्द ही चंडीगढ़ में एग्जाम सेंटर बनाने की मांग को लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा। इन हस्ताक्षरों की चिट्ठी को सीबीएसई के पास भेजा जाएगा।