पठानकोट के गांव सरमो लाहड़ी के रहने वाले सैनिक दीपक सिंह की गुरदासपुर में कुछ लोगों ने पीट-पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया तो गुस्साए परिवार और गांववासियों ने सैनिक के शव को गांव सरमो लाहड़ी से गुजरने वाले पठानकोट-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखकर चार घंटे धरना दिया। भोआ के विधायक जोगिंदर पाल भी उनके साथ धरने पर बैठे।
पठानकोट पुलिस के मनाने के बावजूद गांववासी नहीं माने। इसके बाद गुरदासपुर पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस ने गांववासियों और परिवार के दबाव के बाद दो आरोपियों पर हत्या का मामला दर्ज किया, तब कहीं जाकर लोगों ने धरना खत्म और ट्रैफिक बहाल हुआ।
मृतक सैनिक के पिता ओंकार सिंह ने बताया कि दीपक सिंह भारतीय सेना के ग्रिफ में तैनात था। अरुणाचल प्रदेश में पोस्टिंग थी। छह महीने बाद घर आना था। वह अमृतसर एयरपोर्ट पर उतरा और वहां से बस में बैठकर पठानकोट आ रहा था। गलती से वह काहनूवान चौक में उतर गया।
देर रात 11 बजे उसे प्यास लगी तो वह गुरुद्वारा कुल्लियां वाला में पानी पीने चला गया। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसे घेर लिया और चोर बताकर पिटाई कर दी। पुलिस ने किसी तरह उसे लोगों से छुड़वाया और अस्पताल में भर्ती करवाया। लेकिन, वहां दीपक ने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने उन्हें सुबह सूचना दी कि दीपक की मौत हो चुकी है। पिता ने बताया कि उन्हें पता चला है कि उनके बेटे की हत्या गुरजीत सिंह निवासी तिब्बड़ी रोड गुरदासपुर, दलबीर सिंह निवासी पाहड़ा और दो अज्ञात व्यक्तियों ने हमला करके की है। पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचाने में लगी है।
पिता ने बताया कि रात को जब उनकी फोन पर बेटे से बात हुई तो उसने बताया था कि कुछ लोग उसे चोर समझकर उसकी पिटाई कर रहे हैं। इसी दौरान उसका फोन कट गया और फिर स्विच ऑफ हो गया। उसके पास काफी सामान था। लेकिन उन्हें कोई सामान नहीं मिला, मोबाइल भी गायब है।
उक्त मामले में गुरजीत सिंह और दलजीत सिंह पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित की हैं। जल्द ही आरोपी पुलिस गिरफ्त में होंगे। - सुखपाल सिंह, डीएसपी, सिटी गुरदासपुर।