जाट आंदोलन के दौरान नेशनल हाईवे-22 पर जाम लगाने के मामले में जिन 220 लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। उनमें से चार को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया।
जहां कोर्ट के आदेश पर इन चारों को जमानत मिल गई। पुलिस ने जिन चार आरोपियों को आज कोर्ट में किया, उनमें दो आरोपी पेशे से वकील बताए गए हैं। इन दोनों आरोपी वकीलों ने मंगलवार को अदालत में सरेंडर किया था। जहां मजिस्ट्रेट से अनुमति लेने के बाद दोनों को पुलिस ने हिरासत में लिया।
वहीं अन्य दो आरोपियों को पंचकूला पुलिस ने सेक्टर-10 से गिरफ्तार किया था। बहरहाल चारों आरोपी जमानत पर हैं। जबकि अन्य की तलाश जारी है। मामले में जांच अधिकारी सेक्टर-पांच थाने के उप निरीक्षक ईश्वर सिंह ने बताया कि सेक्टर-7 चौकी के उपनिरीक्षक जसविंद्र सिंह ने 21 फरवरी 2016 को शिकायत दर्ज कराई थी कि करीब 200 से 220 की संख्या में प्रदर्शनकारी जाट धर्मशाला में एकत्रित हुए।
यहां से सामूहिक रूप में प्रदर्शन करते, नारे लगाते हुए ये आगे बढ़ रहे थे। पंचकूला पुलिस ने इन्हें होटल बेला विस्टा के पास रोकने का प्रयास किया। लेकिन प्रदर्शनकारी पुलिस की अपील को खारिज करते हुए आगे बढ़ गए। इसके बाद इन्हें माजरी चौक के पास रोकने की कोशिश की गई।
लेकिन पुलिस कर्मचारियों और प्रशासन से धक्का-मुक्की करते हुए इन्होंने बैरिकेड्स तोड़ दिए और ओल्ड पंचकूला चौक पर नेशनल हाईवे-22 पर जाम लगा दिया था। पुलिस ने मामले में करीब 220 लोगों को खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
10 धाराओं के तहत मामला हुआ दर्ज
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान पंचकूला पुलिस-प्रशासन से धक्कामुक्की करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा डालने के मामले को लेकर सहायक उप निरीक्षक जसविंद्र सिंह की शिकायत पर पुलिस ने जान से मारने की धमकी और नेशनल हाईवे एक्ट सहित करीब 10 धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। इनमें भारतीय दंड संहिता की धारा 348, 148, 149, 186, 188, 283, 332, 353, 506 तथा 8 बी एनएच एक्ट शामिल हैं।
36 लोगों की हो चुकी है पहचान
पंचकूला में जाट आंदोलन के दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के बयान लेकर पुलिस नेशनल हाईवे जाम करने वालों की पहचान करने में जुटी थी। पता चला है कि पहचान के लिए अखबारों सहित अन्य मीडिया में प्रकाशित फोटो और वीडियो की भी मदद ली जा रही। पता चला है कि अब तक करीब 36 लोगों के नाम सामने आ चुके हैं।
छापामारी जारी, जल्द होगी गिरफ्तारी
जांच अधिकारी ईश्वर सिंह ने पुष्टि की है कि अभी तक 36 से अधिक आरोपियों की पहचान हो चुकी है। जबकि अन्य की पहचान के प्रयास जारी हैं। इनकी गिरफ्तारी के लिए पिछले कई दिन से छापामारी हो रही है। जिन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज हुआ है, पुलिस उन्हें जल्द गिरफ्तार करेगी।