अदालत ने पत्नी से अप्राकृतिक संबंध बनाने वाले बीएसएनएल में तैनात डीजीएम को बृहस्पतिवार को पांच साल की सजा सुनाई। मजिस्ट्रेट महेंद्र कुमार रावत की अदालत ने अभियुक्त पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी डीजीएम पूर्व में चंडीगढ़ में भी तैनात रह चुका है। अभियोजन अधिकारी प्रेमलता ने बताया कि दिल्ली के कीर्ति नगर निवासी युवती की शादी एक जुलाई 2012 को सूर्य नगर निवासी युवक के साथ हुई थी।
आरोपी उस समय बीएसएनएल विभाग में डीजीएम के पद पर तैनात था। ऐसा उसने कोर्ट में दिए गए बयानों में बताया है। शादी के दो दिन बाद युवक कंट्री इन होटल में हनीमून के लिए गया था। इसके कुछ दिन बाद ही वह पत्नी से फॉर्च्यूनर कार और दहेज में 50 लाख रुपये लाने के लिए दबाव बनाने लगा। इस मामले की जानकारी पीड़िता ने अपने भाई, भाभी और पिता को दी। इसके बाद तीन जुलाई 2012 को पीड़िता के पिता ने दोनों को समझाया था।
इसके बाद भी आरोपी पत्नी के साथ मारपीट करने लगा और उसे दहेज के लिए प्रताड़ित भी किया। वहीं, पीड़िता ने आरोप लगाया कि पति जबरदस्ती उसके साथ अप्राकृतिक संबंध भी बनाता था। इसकी शिकायत पीड़िता ने वुमन सेल में की और लिंकरोड थाने में पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। अदालत में केस की सुनवाई हुई। अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर उसे दोषी माना और पांच साल कैद की सजा से दंडित किया।