प्रिंसिपल कंट्रोलर ऑफ डिफेंस अकाउंट्स (पीसीडीसीए) के पांच अफसरों को रिश्वत लेने के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने कड़ी सजा सुनाई।
सीबीआई की विशेष अदालत ने भ्रष्टाचार से जुड़े सात साल पुराने मामले में पांचों आरोपियों को दो-दो साल की सजा और 30-30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। बीते दिन की सुनवाई में सभी को दोषी करार दिया गया था। पीसीडीसीए के चार सीनियर ऑडिटर दीन दयाल मित्तल, राज कुमार, देवकी नंदन, बी वेणू और असिस्टेंट अकाउंट्स अफसर देवेंदर सिंह धनोआ के खिलाफ सीबीआई ने ठेकेदार से 45 हजार रुपये रिश्वत लेने पर केस दर्ज किया था।
मार्च 2010 में दर्ज मामले के अनुसार सीनियर ऑडिटर दीन दयाल मित्तल निवासी मोहाली, राज कुमार निवासी अंबाला कैंट, देवकी नंदन निवासी जालंधर कैंट, बी वेणू निवासी सुबाथू हिमाचल प्रदेश और असिस्टेंट अकाउंट्स अफसर देवेंदर सिंह धनोआ निवासी मोहाली ने लाखों रुपये का बिल क्लीयर करवाने के बदले में गाजियाबाद के एक प्राइवेट ठेकेदार से एक प्रतिशत रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत 45 हजार रुपये बनती थी। इन्होंने यह रिश्वत अंकुर गर्ग से मांगी थी।
ठेकेदार अंकुर ने वेस्टर्न कमांड मनसा देवी के अधिकार क्षेत्र में आने वाली विभिन्न यूनिट्स में 45 लाख रुपये के खेल उपकरण उपलब्ध कराए थे। इसके बिल क्लीयर करवाने के बदले ही यह रिश्वत मांगी गई थी। अंकुर ने मामले की शिकायत सीबीआई से की थी। जांच एजेंसी ने शिकायत की पुष्टि होने पर सेक्टर-9 स्थित कार्यालय से 31 मार्च 2010 को शाम को आफिस के बाहर से दीन दयाल मित्तल और देवकी नंदन को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया था।
इनके अलावा असिस्टेंट अकाउंट्स अफसर देवेंदर सिंह धनोआ, सीनियर ऑडिटर बी वेणु और राजकुमार को भी गिरफ्तार किया गया था। इनके खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा 7 और आपराधिक साजिश के तहत केस दर्ज किया गया।