जालंधर में बीते छह अगस्त को जानलेवा हमले का शिकार हुए RSS के प्रांत सह संघचालक ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश कुमार गगनेजा का आज निधन हो गया।
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के वरिष्ठ नेता रिटायर्ड ब्रिगेडियर जगदीश गगनेजा ने वीरवार सुबह डीएमसी हीरो हार्ट इंस्टीट्यूट में दम तोड़ दिया। सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर उन्होंने अंतिम सांस ली। गगनेजा पर छह अगस्त को जालंधर में अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग की थी। उन्हें सात अगस्त को डीएमसी शिफ्ट किया गया था।
गगनेजा के निधन की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में भाजपा और आरएसएस के नेता जुटने शुरू हो गए। राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर भी डीएमसी पहुंचे और गगनेजा की पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित कर उनको श्रद्धांजलि दी। वहीं सीबीआई की टीम भी जांच के लिए डीएमसी अस्पताल पहुंची।
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दोपहर को विशेष मंजूरी लेकर सिविल के तीन, डीएमसी के एक समेत कुल चार डॉक्टरों के मेडिकल बोर्ड ने गगनेजा के शव का पोस्टमार्टम डीएमसी अस्पताल की मोर्चरी में ही किया। करीब पौने तीन बजे उनकी पार्थिव देह को जालंधर रवाना किया गया।
इससे पहले जालंधर के पटेल हॉस्पिटल में उनका इलाज चला था। दो गोलियां निकाल ली गई थी। एक गोली लीवर के पास फंसी थी, जिससे बड़ी आंत और तिल्ली डैमेज हो गई है। इस वजह से काफी खून बहा। इसी वजह से उन्हें लुधियाना के डीएमसी अस्पताल में रेफर किया गया था।
अस्पताल में लगा भाजपा-आरएसएस नेताओं का तांता
जगदीश फत्र्याल
- फोटो : अमर उजाला
जानकारी के अनुसार वीरवार सुबह उनकी बिगड़ रही तबियत के बारे में खबर मिलते ही आरएसएस के जिला प्रभारी फूल चंद जैन, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल सरीन, परवीन बंसल समेत कई नेता डीएमसी अस्पताल में पहुंच गए। सवा नौ बजे निधन की सूचना के बाद डीएमसी के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई।
पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख, डीसीपी ध्रुमन निंबले, एडीसी डॉ. ऋषि पाल सिंह समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। गगनेजा के बेटे कर्नल राहुल गगनेजा, बेटियां, दामाद और अन्य परिजन गहरे सदमे में हैं। पोस्टमार्टम के बाद भाजपा और आरएसएस के नेताओं ने उनको श्रद्धांजलि दी और पुष्प वर्षा की।
बीते महीने 6 अगस्त को गगनेजा पर हमला तब किया गया, जब वे अपनी पत्नी सुदेश के साथ बेटी के लिए फल खरीदने बाजार आए थे। उन्होंने यहां के मखदूमपुरा में कार पार्क की थी। फल लेकर पैदल ही कार की ओर जा रहे थे, उसी वक्त उन पर फायरिंग की गई।
पुलिस के मुताबिक, हमला सुनयोजित था और इसको पूरी तैयारी के साथ उन पर नजदीक से हमला किया गया। इस वारदात के तीन चश्मदीद गवाह पुलिस को मिल गए हैं। पहली उनकी पत्नी सुदेश कुमारी है, दूसरा गली में रहने वाला प्रभात कन्नौजिया व रवि कन्नौजिया है।
पुलिस की एक टीम बिग्रेडयर गगनेजा के मोबाइल की टावर लोकेशन निकाल रही है और उनके मोबाइल के साथ कौन कौन से मोबाइल नंबर ने समांतर टावर इस्तेमाल किया है, ऐसे नंबरों को खोजा जा रहा है।
आरएसएस नेता जगदीश गगनेजा पर जालंधर में गोलीबारी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस का कहना है कि हमले के पीछे पाकिस्तान में बैठे खालिस्तानी संगठन के स्लीपर सेल का हाथ हो सकता है। अटैक से पहले पूरी रेकी की गई। आशंका है कि शूटर उनका पीछा करते आए होंगे। पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है, ताकि हमले का सुराग मिल सके।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों की उम्र करीब 20 से 25 साल थी। काले रंग की बाइक पर थे और नकाब पहने हुए थे। हमले के बाद पंजाब पुलिस ने हमलावरों के खिलाफ आईपीसी की धारा 307, 34 और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच सीबीआई को देने का मकसद गगनेजा की हत्या के प्रयास में हमले के आरोपियों और विदेश में रह रहे हमले के साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार किया जा सके।
सेप्टिसीमिया और मल्टीपल आर्गेन फेल होने के कारण गगनेजा को बचाया नहीं जा सका। बुधवार दोपहर से ही उनकी तबियत बिगड़नी शुरू हो गई थी। वीरवार तड़के करीब तीन बजे उनका ब्लड प्रेशर गिरने लगा। बूस्ट करने के लिए दवा दी गई, लेकिन वे रिवाइव नहीं कर पाएं। उनके इंटेस्टाइन में पांच और पेट में तीन जख्म थे। इलाज के दौरान इंटेस्टाइन के कुछ हिस्से हटाए भी गए थे। इसके अलावा उनकी रीढ़ की हड्डी, सिर और छाती में भी चोट थी।
- डॉ. जीएस वांडर, डायरेक्टर, हीरो डीएमसी हार्ट इंस्टीट्यूट