सगे भाई सहित चचेरे भाई के तीन बच्चों की हत्या के मामले में आरोपी जगदीप सिंह मलिक ने वीरवार को जिला कारागार में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
आनन-फानन में पुलिस को घटना की सूचना दी गई। मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार, थाना सिटी के एसएचओ मलकीत सिंह और संबंधित चौकी के प्रभारी तरसेम सिंह मौके पर पहुंचे और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम को बुलाकर लाश को फांसी के फंदे से नीचे उतारा गया। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए लोक नायक जयप्रकाश अस्पताल भेज दिया। वहां शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम होगा।
बता दें कि 18 नवंबर 2017 को जिला कुरुक्षेत्र के गांव सारसा से तीन बच्चे लापता हुये थे। 21 नवंबर की सुबह तीनों बच्चों के शव जिला पंचकूला के मोरनी हिल्स इलाके में सुनसान जगह से बरामद हुए। बच्चों की हत्या की जांच करने के दौरान पुलिस के हाथ कुछ ऐसे सुराग लगे, जिससे शक की सुई तीनों बच्चों के पिता सोनू और उसके चचेरे भाई जगदीप मलिक की तरफ घूम गई। इसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था।
Morni Tripple Murder
- फोटो : अमर उजाला
बच्चों की पहचान 11 साल के समीर, आठ साल की सिमरन और चार साल के समर के रूप में हुई थी। पुलिस पूछताछ में जगदीप ने तीनों बच्चों की हत्या के साथ ही कुछ साल पहले अपने सगे भाई की हत्या कर उसे आत्महत्या का रंग देने की बात कबूल की थी।
इस मामले में पूछताछ पूरी होने के पश्चात उसे चार दिसंबर को जेल भेजा गया था। वीरवार को उसने जेल के बाथरूम में नल के साथ कपड़ा (परना) बांध कर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। संबंधित चौकी प्रभारी के मुताबिक वीरवार रात को जेल प्रशासन की ओर से उन्हें इस घटना की सूचना मिली थी। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।