अंतरराज्यीय चोर गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। सभी एक ही परिवार से हैं और तलाशी के दौरान इनसे करोड़ों का सामान बरामद हुआ। पंजाब के खन्ना में मलौद पुलिस ने यह गिरफ्तारी की है। आरोपियों में निर्मल सिंह, गोपाल उर्फ बंटी, जसविंदर सिंह, चमकौर सिंह निवासी लुधियाना, हीरा सिंह निवासी बरनाला, सुरजीत सिंह निवासी पटियाला और गुरनाम सिंह निवासी करनाल (हरियाणा) को चोरी के दो ट्रक, एक बोलेरो गाड़ी, आठ लाख कैश और एक करोड़ के सामान के साथ पकड़ा गया।
पुलिस जिला खन्ना के एसएसपी ध्रुव दहिया ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ लोग चोरी के ट्रकों में चोरी का सामान भरकर मलौद की तरफ आ रहे हैं। सूचना मिलते ही एसएचओ मलौद मनजीत सिंह अपनी पुलिस पार्टी के साथ जगेड़ा पुल के पास पहुंचे और नाकाबंदी कर दी। कुछ देर बाद लुधियाना की तरफ से ट्रक और कैंटर आते दिखाई दिए उनके पीछे एक गाड़ी भी चल रही थी। पुलिस ने शक के आधार पर उन्हें रोका। पहले ट्रक की तलाशी लेने पर उसमें से 140 बोरी गेहूं, 440 पेटी कीटनाशक दवा बरामद हुई।
दूसरे ट्रक में से 13 एलसीडी, चार माइक्रोवेव, 13 वाशिंग मशीन, 10 फ्रिज बरामद हुए। आरोपियों को मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया। उनसे एक चोरी का ट्रक, एक कैंटर, एक बोलेरो और गाड़ी में रखा आठ लाख कैश भी बरामद कर लिया गया। एसएसपी ने बताया कि सारे सामान की कीमत एक करोड़ रुपये से ज्यादा है और बरामद हुआ सारा सामान ब्रांडेड कंपनी का है। एसएसपी खन्ना ने बताया कि गिरोह पर अलग-अलग राज्यों में चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
2010 के बाद की 36 वारदात
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि 2010 के बाद उन्होंने हरियाणा के यमुनानगर में चार, अंबाला में दो और कुरुक्षेत्र में दो चोरियां की। लुधियाना में सात, गुरदासपुर में दो, पटियाला में पांच, होशियारपुर में दो, जालंधर में दो, बरनाला में पांच, अमृतसर में तीन, मानसा और मोगा में चोरी की एक-एक वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने 2010 के बाद 36 वारदात की। सभी आरोपी जमानत पर आए हुए हैं।
एक ही परिवार से संबंधित हैं सभी आरोपी
एसएसपी ने आगे बताया कि गिरोह का मेन लीडर निर्मल सिंह है। उसने अपने बेटे गोपाल उर्फ बंटी को अपने साथ चोरी का काम करने के लिए रखा है। गिरोह के सभी सदस्य एक ही परिवार से संबंधित हैं। एसएसपी ने बताया कि आरोपी जिस शोरूम में चोरी करते थे, वहां कुछ भी नहीं छोड़ते थे। छोटे से छोटा सामान भी ट्रक में भर कर ले जाते थे। जिस ट्रक या गाड़ी का इस्तेमाल करते थे, वह भी चोरी की होती थी। दहिया ने बताया कि इन लोगों ने ट्रक और गाड़ी कहां से चुराई और चोरी का सामान कहां बेचते थे, उसके लिए पूछताछ जारी है।