सिद्धू ने बताया कि अफगान नागरिक अरमान हेरोइन में अन्य नशीले पदार्थ मिक्स कर उसकी मात्रा बढ़ाने का विशेषज्ञ है। जिस कोठी से नशीले पदार्थों की खेप बरामद हुई है, वहां हेरोइन को अन्य नशीले पदार्थों में मिक्स करने की लैब स्थापित थी। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि इन तस्करों ने एक महीने पहले ही इस कोठी में हेरोइन को मिक्स करने का धंधा शुरू किया था।
इससे पहले अरमान की मदद से दिल्ली में सिंथेटिक ड्रग बनाते थे। बरामद हेरोइन सीमा पार से आई या अन्य रास्तों से, इस बात की जांच चल रही है। हरप्रीत सिद्धू ने कहा कि इस रैकेट में जो भी शामिल होगा, उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। वहीं जब उनसे यह पूछा गया कि क्या कोठी किसी अकाली दल के कार्यकर्ता की है, तो उन्होंने कहा कि अभी जांच चल रही है। जांच के बाद ही उन्हें इसमें शामिल किया जाएगा।
नशा तस्कर किसी भी पार्टी का हो, बख्शा नहीं जाएगा : कैप्टन
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि एसटीएफ द्वारा शुक्रवार को अमृतसर में पकड़ी गई 194 किलो से अधिक हेरोइन के मामले में कोई भी हो, किसी भी पार्टी का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में जो मुख्य किंगपिन पकड़ा गया है, वह अकाली सरकार के दौरान एसएस बोर्ड का सदस्य था।
उन्होंने कहा कि नशे का खात्मा करने के लिए ऐसे कदम उठाए जाएंगे, जिससे राज्य से नशा पूरी तरह खत्म किया जा सके। उन्होंने बताया कि आरंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि इस मामले के तार विभिन्न देशों से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि सरकार तब तक जंग जारी रखेगी जब तक इस समस्या को जड़ से खत्म नहीं कर दिया जाता।
क्वींस रोड स्थित एक जिम में वर्कआउट करने के लिए जाने वाले कपड़ा व्यापारी अंकुश कपूर की दोस्ती जिम संचालक सुखविंदर सिंह के साथ हुई। मेजर सिंह भी उनका दोस्त बन गया। शहर के पॉश इलाके क्वींस रोड में कपड़े के शोरूम के मालिक अंकुश कपूर और उसके नए बने दोस्तों में धन कुबेर बनने की जगी लालसा ने ही उन्हें नशे के धंधे में कदम बढ़ाने को मजबूर किया।
मेजर सिंह सीमावर्ती गांव नॉशेरां खुर्द का रहने वाला है और सीमावर्ती गांवों के अंतरराष्ट्रीय तस्करों से पहचान रखता है। इन्हीं तस्करों ने मेजर सिंह की पहचान सिमरन संधू से करवाई, जो पहले ही हेरोइन की तस्करी में शामिल था। गुजरात पुलिस ने सिमरन संधू को 300 किलोग्राम हेरोइन के मामले में भगोड़ा घोषित किया हुआ था। गुजरात पुलिस ने इंटरपोल की मदद से संधू को वीरवार को इटली से गिरफ्तार किया था। संधू के गिरफ्तार होने के 24 घंटे बाद ही इंटरनेशनल ड्रग माफिया को गिरफ्तार करने में एसटीएफ सफल हो गई।
सूत्रों के अनुसार, हेरोइन में सिंथेटिक ड्रग में प्रयोग किए जाने वाले केमिकल मार्फिन, कोकीन और डेक्स्ट्रोमेथॉन को मिक्स कर उसकी मात्रा बढ़ाने के लिए अफगान नागरिक अरमान को इस गिरोह के साथ काम करने के लिए भेजा गया था। अंकुश और सुखबीर सिंह उर्फ हैप्पी हेरोइन की खेप को बेचने के लिए चंडीगढ़, मोहाली और उसके आसपास के इलाकों में सक्रिय थे। मेजर सिंह और सुखविंदर कोठी में बैठकर अरमान का हेरोइन की मिक्सिंग के काम में हाथ बंटाते थे। गिरफ्तार तमन्ना गुप्ता शहर के पॉश इलाके एनम सिनेमा के पास की रहने वाली थी। वह इस गिरोह में कैसे और कब शामिल हुई, इस बारे में अभी सुरक्षा एजेंसी चुप हैं।
सुल्तानविंड रोड स्थित आकाश एवेन्यू में स्थित जिस कोठी में हेरोइन की मिक्सिंग की फैक्टरी चल रही थी, वह कोठी शिरोमणि अकाली दल के नेता अनवर मसीह की है। अनवर मसीह के अनुसार यह कोठी उसने जिम चलाने वाले सुखविंदर सिंह को एक महीने पहले किराये पर दी थी। बाद में उसने सुखविंदर के साथ इस कोठी को बेचने का सौदा कर लिया था।
दो दिन बाद इस कोठी की रजिस्ट्री की जानी थी। इस कोठी में क्या धंधा चल रहा था, इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। कोठी के लिए उसने सुखविंदर सिंह से चार लाख की राशि बयाने के रूप में भी ले रखी है। इसके दस्तावेज भी उसके पास हैं। उसने इस कोठी को पहले भी किराये पर दिया हुआ था। पहले यहां पर पंप बनाने की फैक्टरी थी।
अनवर मसीह शिअद में ईसाई भाईचारे के कोटे का नेता था। 1997 में शिअद-भाजपा के सत्ता में आने के बाद वह ईसाई नेता के रूप में उभरा था। तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बदल ने मसीह को स्टाफ सिलेक्शन बोर्ड (एसएसबी) का सदस्य नियुक्त किया था। अनवर मसीह अकाली नेताओं के साथ अकसर देखा जाता था। हालांकि उसने अकाली दल से जुड़े होने की बात नकार दी। है।
उसने कहा कि वह समाज सेवक है। उसके द्वारा कोठी किराये पर देने का मामला किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जोड़ा जाना चाहिए। हालांकि मसीह अकाली नेताओं के साथ अकसर देखा जाता था और अकाली दल की रैलियों में मसीह भाईचारे के लोगों की भीड़ जुटाता रहा है।
वहीं गिरफ्तार महिला तमन्ना गुप्ता की मां ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसकी बेटी बेगुनाह है। वह वीरवार से ही लापता थी और उसका मोबाइल बंद आ रहा था। उसकी बेटी का इन लोगों के साथ कोई भी संबंध नहीं है।
एसटीएफ ने 29 जनवरी को मोहाली में नशा सप्लाई करने वाले दो तस्करों को छह किलो हेरोइन के साथ अरेस्ट किया था। गिरफ्तार तस्करों अंकुश व हैप्पी ने पूछताछ के दौरान बताया था कि उन्होंने यह हेरोइन सुल्तानविंड रोड स्थित एक कोठी से खरीदी है। इसके बाद एसटीएफ टीम ने 30 जनवरी की शाम को इस कोठी में छापामारी की। छापेमारी के दौरान वहां सिंथेटिक ड्रग बनाते अरमान और तमन्ना गुप्ता पकड़े गए थे।
सफेद कॉलर भी नशे के धंधे में शामिल, जांच एजेंसियां स्तब्ध
इस मामले में कपड़े का शोरूम चलने वाले अंकुश कपूर और तमन्ना गुप्ता की गिरफ्तारी से सुरक्षा एजेंसियां स्तब्ध हैं। अंकुश का शोरूम जहां स्थित है, वहां से कुछ ही मीटर की दूरी पर ही तमन्ना का घर है। अच्छी कमाई करने वाले अंकुश कपूर ने इस धंधे में अपने साथ अन्य सफेद कॉलर लोगों को भी जोड़ा हुआ था। जांच एजेंसी ने अंकुश के शोरूम को भी खंगाला हैं। वहां से क्या बरामद हुआ, इस पर अभी कोई जानकारी नहीं मिली है।
नशे के इन सौदागरों ने अफगानी नागरिक अरमान को भी सुल्तानविंड रोड के आकाश एवेन्यू की एक कोठी में किराये के मकान में ठहराया हुआ था। हेरोइन की मिक्सिंग के लिए एक ग्राइंडर, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर, गैस बर्नर के साथ-साथ स्टील और एलुमीनियम के कई बड़े बर्तन भी बरामद किए गए हैं।