चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने गुड़गांव फ्रॉड केस में मेजर जनरल सतबीर सिंह और ग्रुप कैप्टन वीके गांधी की गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अंतरिम जमानत दे दी है। विंग कमांडर सीके शर्मा को हाईकोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है। जमानत अर्जियों पर हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर 19 मई तक हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है।
तीनों पूर्व सेनाधिकारियों पर इंडियन एक्स सर्विसमैन मूवमेंट (आईईएसएम) फंड में घोटाले का आरोप है। इसी मामले में तीनों ने एडवोकेट अर्शदीप सिंह चीमा के माध्यम से अग्रिम जमानत अर्जियां दायर की थीं, लेकिन विंग कमांडर सीके शर्मा को पुलिस की ओर से पहले ही हिरासत में लिए जाने के कारण उनकी अर्जी निरस्त हो गई।
तीनों अधिकारी वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर चल रहे राष्ट्रीय संघर्ष का नेतृत्व कर रहे हैं। संघर्ष के लिए बनी आईएएसएम का फंड सृजत किया गया था। संस्था के ही एक व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि तीनों ने संस्था की गवर्निंग बाडी की मंजूरी लिए बिना 21 लाख रुपये का फंड निकलवा लिया। यह विवाद पिछले कुछ समय से चल रहा था।
शिकायतकर्ता ने गुड़गांव जिला अदालत में अर्जी दाखिल कर तीनों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी। वहां के अतिरिक्त सेशन जज की अदालत ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने का निर्देश जारी किया था और पुलिस ने आठ फरवरी को पालम विहार थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी।
जांच आर्थिक अपराध शाखा कर रही है। तीनों पूर्व सेनाधिकारी कथित फ्रॉड में गुड़गांव पुलिस को वांछित हैं। विंग कमांडर सीके शर्मा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उनकी बेटी ने पुलिस की ओर से हिरासत में लेने को गलत ठहराते हुए ट्वीट किया था और शुक्रवार सुबह से ही यह ट्वीट पूर्व सैनिकों व अन्य में चर्चा का विषय बना रहा।