इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए बर्खास्त कांस्टेबल बसंत पर एसीजेएम की अदालत ने साजिश रचने और आर्म्स एक्ट के तहत आरोप तय किए है।
वहीं, चंडीगढ़ पुलिस के कांस्टेबल ओमप्रकाश ने सोमवार को बयान दर्ज करवाए। कांस्टेबल ने बताया कि उन्होंने मामले से जुड़ा रिकार्ड जांच के लिए सीएफएसएल में जमा करवाया था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को तय की है।
चंडीगढ़ पुलिस के बर्खास्त कांस्टेबल बसंत ने 18 अप्रैल को सेक्टर-26 पुलिस लाइन से एसएलआर और बीस गोलियां मालखाना में तैनात कांस्टेबल दलीप और मोहिंदर से जारी करवाई थी।
एसएलआर लेने के बाद बसंत स्विफ्ट गाड़ी से सीधा सोनीपत के दिपालपुर गांव पहुंचा था। वहां बसंत ने एसएलआर से प्रेमिका सरिता के पति संदीप (23), सास रोशनी (60) और संदीप की बुआ प्रकाशी पर फायरिंग की थी।
फायरिंग में तीनों की मौत हो गई थी। सेक्टर-26 थाना पुलिस ने बसंत के खिलाफ धारा 409, 120 और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्जकर उसे 20 अप्रैल को चंडीगढ़ पुलिस ने उसे बर्खास्त कर दिया था।
ध्यान रहे कि सात जून 2013 को इंस्पेक्टर सुच्चा सिंह की हत्या हुई थी। सुच्चा सिंह की हत्या के मामले में दिसंबर में बसंत और सरिता को जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके अग्रवाल की अदालत ने दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।