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पहचान के डर से की इंस्पेक्टर के भाई की हत्या और ड्रेन में फेंक दिया शव

Mon, 24 Oct 2016 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत(हरियाणा)
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पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला
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अटेरना गांव के एक गिरोह ने दिल्ली पुलिस के इंस्पेक्टर रणबीर सिंह के भाई नांगल कलां निवासी 42 वर्षीय राकेश की हत्या कर शव ड्रेन नंबर आठ में फेंक दिया। वारदात 12 अक्तूबर की रात को अंजाम दी गई, जिसके आरोप में एसआईटी ने अब गांव के युवक सूरज, सुहोल, अंकित, गौरव व मोहित को काबू किया है। 
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हालांकि, गिरोह का मास्टर माइंड अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। रविवार को पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है। डीआईजी एचएस दूहन ने पत्रकारवार्ता में यह खुलासा किया।

पुलिस के मुताबिक, नांगल कलां निवासी राकेश अच्छे परिवार से है। उसके भाई रणबीर सिंह दिल्ली पुलिस में सब्जी मंडी थाने के प्रभारी हैं। परिवार के दूसरे सदस्य भी बाहर नौकरी करते हैं। दो बच्चों का पिता राकेश 12 अक्तूबर को टीडीआई अपने दोस्तों के पास गया।
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 देर रात कार से लौट रहा था। रास्ते में गांव के बाहर सड़क किनारे कार खड़ी कर सो गया। आरोप है कि इसी बीच आधा दर्जन युवकों का गिरोह आया और राकेश का मोबाइल चोरी कर लिया, क्योंकि उस समय कार की खिड़की खुली पड़ी थी। 
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फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर रहते हैं निशाने पर

पुलिस - फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
जब वे राकेश की जेब से पर्स निकालने लगे तो उसकी आंख खुल गई। राकेश ने एक युवक को पहचान लिया, जो नजदीकी गांव अटेरना का रहने वाला था। फंसने के डर से आरोपियों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को ड्रेन नंबर आठ के अंदर फेंक दिया।

अलीपुर में जला दी गाड़ी
राकेश के शव को ठिकाने लगाने के बाद आरोपी कार से अलीपुर पहुंचे और गाड़ी के कागजात सीट पर रखकर आग लगा दी। उधर, देर रात तक जब राकेश घर नहीं पहुंचा तो उसके भानजे ने अजय ने राई थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया। 

डीआईजी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच एसआईटी प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप धनखड़ को सौंपी। पुलिस ने शक के आधार पर अटेरना गांव की सीमा से सूरज को काबू किया। पूछताछ में उसने राकेश हत्याकांड से पर्दा उठा दिया। खुलासा होने के बाद पुलिस ने उसके साथी सुहोल, अंकित, गौरव व मोहित को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, राकेश का शव अभी तक बरामद नहीं हो सका है।

फैक्टरी में काम करने वाले मजदूर रहते हैं निशाने पर
एसआईटी इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप धनखड़ ने बताया कि गिरफ्तार किए गए युवक औद्योगिक एरिया की फैक्टरियों में काम करते हैं। पता लगा है कि आरोपियों ने प्रवासी मजदूरों से मारपीट कर पैसे व मोबाइल फोन छीनने की वारदात अंजाम दी हैं, जिनका रिमांड के दौरान खुलासा होने की उम्मीद है। गिरोह के मास्टर माइंड को भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।
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