15 अगस्त के दिन जिस इंस्पेक्टर को सम्मानित किया गया, उसी ने अब शर्मसार करने वाला ऐसा काम कर दिया कि विभाग ने उसे सस्पेंड करने में देर न लगाई। मामला हरियाणा के अंबाला कैंट का है। कुछ दिन पहले ही स्वतंत्रता दिवस पर सम्मानित हुए सीआईए टू के इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप मोर भ्रष्टाचार के आरोप में फंस गए हैं। उनके अलावा एएसआई सुरेंद्र व राम कुमार को एसपी अभिषेक जोरवाल ने सस्पेंड कर उन पर विभागीय जांच बैठा दी है।
तीनों पर नकली नोटों को बदलने वाले कुछ लोगों को छोड़ने की एवज में उनसे लाखों रुपये मांगने का आरोप है। आरोप है कि इस मामले की जानकारी एसपी या डीएसपी तक को नहीं दी गई। एसपी अभिषेक जोरवाल को बीती देर रात गुप्त सूचना मिली जिसके बाद उन्होंने पहले डीएसपी को जांच के लिए और फिर बाद में वह स्वयं मौके पर गए।
तत्काल प्रभाव से इंस्पेक्टर व दोनों एएसआई को सस्पेंड कर दिया गया है। बता दें कि स्वतंत्रता दिवस पर इंस्पेक्टर संदीप को कैंट में हुए उपमंडलीय स्तर पर समारोह में एसडीएम द्वारा सम्मानित भी किया गया था। सीआईए टू इंचार्ज को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली नोट बदलने का कार्य करते हैं। असली नोट के बदले ज्यादा करंसी के नकली नोट दिए जाते हैं।
सूत्रों के अनुसार सूचना पुख्ता होने पर इंस्पेक्टर संदीप मोर व टीम ने करीब तीन लोगों को अपनी हिरासत में लिया। उन्हें जीटी रोड के किनारे स्थित सीआईए टू के कार्यालय में लाया गया। आरोप है कि नकली नोट बदलने के सौदागरों को पकड़ने के बावजूद भी इंस्पेक्टर व अन्य स्टाफ ने मामले की जानकारी न तो एसपी और न ही डीएसपी को दी।
एसपी को बीती रात की गुप्त सूचना मिली की नकली करंसी बदलने वाले कुछ लोग पकड़े गए हैं और आरोपियों को छोड़ने का खेल भी खेला जा रहा है। उन्हें छोड़ने की एवज में भारी राशि इंस्पेक्टर व अन्य दो एएसआई मांग रहे हैं। एसपी ने सूचना के आधार पर मामले की जिसमें इंस्पेक्टर व अन्य को दोषी पाया गया।
मौके पर जाकर मैने स्वयं मामले की जांच की थी। इंस्पेक्टर ने आरोपियों को पकड़ा था और मामले की जानकारी न मुझे और न ही अन्य किसी पुलिस अधिकारी को दी थी। पकड़े गए आरोपियों को छोड़ने की एवज में कुछ राशि भी मांगी जा रही थी। इंस्पेक्टर संदीप सहित एएसआई सुरेंद्र व राम कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है और विभागीय जांच के बाद आगामी कार्रवाई होगी।
- अभिषेक जोरवाल, एसपी, अंबाला