भाजपा की महिला नेता से दो युवकों ने न केवल सरेराह बदतमीजी की बल्कि उनकी बाजू भी मरोड़ दी। घटना पंजाब के जालंधर की है। घटना के विरोध में पीड़ित जिला भाजपा सचिव दीपाली बागड़िया महिलाओं व भाजपा वर्करों के साथ थाना आठ के बाहर धरने पर बैठ गईं।
पुलिस ने देर शाम तक न तो उसकी एफआईआर लिखी और न ही आरोपियों को पकड़ने की दिशा में कोई कदम उठाया। इससे अंदाज लगाया जा सकता है कि पुलिस थानों में इंसाफ के लिए आम इंसान का क्या हाल होता होगा। पीड़ित जिला भाजपा सचिव दीपाली बागड़िया का परिवार आरएसएस से भी जुड़ा हुआ है।
उसके पति राजिंदर बागड़िया ने बताया कि दीपाली बागड़िया अपनी कार से इंडस्ट्रीयल एरिया से निकल रही थी और इस दौरान उसकी कार व एक्टिवा में मामूली टक्कर हो गई। इसके बाद एक्टिवा सवार युवकों ने कार की चॉबी निकाल ली और जब दीपाली बागड़िया ने इसका विरोध किया तो उलटा युवकों ने उसको भद्दी गालियां दी और बाजू भी पकड़कर मरोड़ डाला।
सरेबाजार तमाशा देखते रहे लोग
युवकों की इस बदमाशी को सरेबाजार लोग देखते रहे लेकिन किसी ने उनको नहीं रोका। दीपाली का मोबाइल भी युवकों ने छीन लिया लेकिन बाद में लौटा दिया। बाद में जब कुछ लोग पहुंचे तो दोनों युवक निकल गए। दीपाली ने इसकी शिकायत डिवीजन नंबर आठ की पुलिस को दी।
पुलिस ने इस केस को बुधवार रात को भी नहीं दर्ज किया। वीरवार को दीपाली बागड़िया, भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष हिमांशु, भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रधान उर्मिल वैद्य समेत भारी संख्या में महिलाएं डिवीजन नंबर आठ पहुंची।
सुबह 10 बजे से सारे नेता व वर्कर थाने में बैठे रहे लेकिन पुलिस ने किसी भी आरोपी को हिरासत में नहीं लिया और न ही छापेमारी की गई। इसकी शिकायत जहां प्रदेश भाजपा के आलाकमान को भेज दी गई है।
डीसीपी नवीन सिंगला ने कहा कि यह मामला उनके ध्यान में अभी आया है, वह इसकी जानकारी लेकर कानून के तहत बनती कार्रवाई करेंगे। वहीं दीपाली ने बताया कि उनको इस केस में समझौते के लिए कई नेता प्रेशर डाल रहे हैं लेकिन वह इंसाफ के लिए जंग लड़ेगी।