महिला ने शिकायत में बताया कि वह बेहतर भविष्य और परिवार की गरीबी दूर करने के लिए अच्छी नौकरी की तलाश में थी। इस दौरान वो विदेश जाने के भी सपने देखने लगी लेकिन इनका अंत ऐसा भयावह होगा सोचा नहीं था। जीरा की ट्रेवल एजेंट जसपाल कौर के बारे में किसी ने बताया तो उससे फोन पर संपर्क किया। जसपाल कौर ने विदेश जाकर काम करने की सलाह दी। कुछ दिन बाद जसपाल कौर उनके घर आई और ओमान मस्कट में नौकरी की पेशकश की।
जसपाल कौर ने कुल डेढ़ लाख रुपये में ओमान में अच्छी नौकरी वेतन और रहने का भरोसा दिया। डेढ़ लाख रुपये में से 25 हजार पेशगी ले लिए और बाकी के सवा लाख ओमान में मिलने वाले वेतन से काटने का एग्रीमेंट किया गया। 7 नवंबर 2022 को दिल्ली एयरपोर्ट से उसे ओमान की राजधानी मस्कट भेज दिया गया। वहां पहुंचने पर एयरपोर्ट से अलबक्श उसे लेकर गोल्डन ग्रेट लेकस नामक दफ्तर में छोड़ कर चला गया, दफ्तर में उसकी मुलाकात मोहम्मद हाशिम से हुई। उसने उसका पासपोर्ट और अन्य सभी असली दस्तावेज छीनकर अपने पास रख लिए।
करीब 10 दिन मोहम्मद हाशिम ने अपने पास रखने के बाद किसी अरबी परिवार में नौकरानी रखवा दिया। महिला के अनुसार वहां तीन महीने काम करने के बाद दो महीने का वेतन देकर नौकरी से निकाल दिया गया। प्राप्त वेतन में से भी 800 ओमनी रियाल अलबक्श ने नौकरी की दलाली काट ली। इसके बाद मोहम्मद हाशिम ने किसी अन्य अरबी परिवार में काम पर रखवा दिया, यह सिलसिला यूं ही चलता रहा और वेतन भी नहीं मिला। जब भी पैसों की मांग करती तो उल्टा डेढ़ लाख रुपये उससे ही मांगे जाते।
पासपोर्ट और दस्तावेज पास न होने के कारण वापस भी नहीं आ सकती थी। कहा कि अगर पासपोर्ट और दस्तावेज चाहिए तो डेढ़ लाख रुपये घर से मंगवा कर दो। मजबूरी में फिर एक और घर में नौकरानी का काम करने लगी, वहां चार महीने काम करके भी वेतन नहीं मिला। बंधक बनाकर काम करवाया जाने लगा और पेट भर खाना भी नहीं दिया जाता था।
एक दिन मौका पाकर वहां से भागने में कामयाब हुई और भारतीय दूतावास पहुंची। वहां भारतीय अधिकारियों को सारी बात बताई। उन्होंने जल्द व्हाइट पासपोर्ट (इमरजेंसी ट्रेवल डॉक्यूमेंट) पर भारत भेज देने का भरोसा और रहने की व्यवस्था पास में स्थित गुरुद्वारा साहिब में करवा दी। वहां हर वक्त अलबक्श और मोहम्मद हाशिम के आने का डर सताता रहता।
भारतीय दूतावास ने तमाम औपचारिकता पूरी करने में करीब तीन महीने का समय लगा दिया, आखिर व्हाइट पासपोर्ट पर ओमान से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया। महिला ने बताया कि जीरा की ट्रेवल एजेंट जसपाल कौर के पास कोई भी आधिकारिक लाइसेंस नहीं है। इसी वजह से उसे वर्क परमिट का एग्रीमेंट देने के बजाय यात्रा पर ओमान भेजकर आगे से आगे नौकरी के लिए बेचा जाता रहा।
कानूनी कागजात न होने की वजह से उसे ओमान में नौकरी करते पकड़े जाने पर जेल भी हो सकती थी। महिला ने पंजाब और देश की सभी महिलाओं को आगाह करते हुए बताया कि विदेश जाने से पहले ट्रेवल एजेंट का लाइसेंस और अपने वीजा की जांच जरूर करवाएं। पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज पास न होने के चलते डरा कर उनका आर्थिक और मानसिक शोषण किया जाता है। कई मामलों में महिलाओं के शारीरिक शोषण की भी खबरें आती हैं।
गौरतलब है कि पिछले दिनों ओमान से लौटी एक अन्य महिला की शिकायत पर थाना सदर जगरांव की पुलिस ने रायकोट बस्सीयां के ट्रेवल एजेंट बिक्की सिंह, दुबई में बैठे उसके साथी कृष्ण कुमार और ओमान के अज्ञात मानव तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक भलाई पार्टी के प्रधान बलवंत सिंह रामूवालिया ने बताया कि उन्होंने मंत्री रहते हजारों लोगों को विदेश से बचाकर निकाला था। पंजाब में ठग ट्रेवल एजेंटों के खिलाफ कड़ा कानून बनाने के लिए बनाई गई कमेटी के वे सदस्य थे और जो प्रावधान रखे गये थे, उन पर सरकारों ने अमल नहीं किया। ट्रेवल एजेंट कमजोर कानून के चलते बच जाते हैं और मुकदमे दर्ज होने के बावजूद उन्हें सजा नहीं मिलती।