साउथ अफ्रीका में वर्क परमिट पर भेजने के नाम पर मोहाली के फेज-पांच5 स्थित शिवालिक एजुकेशन कंसल्टेंट कंपनी ने लाखों रुपये की ठगी की है। कंपनी रातों-रात लोगों के लाखों रुपये लेकर फरार हो गई है।
कंपनी ने अधिकतर हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों के युवाओं को ठगी का शिकार बनाया है। ठगी का शिकार हुए लोगों ने इस संबंध में थाना फेज-1 में लिखित शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ठगी के शिकार हुए लोगों ने बताया कि वे इस मामले में सीएम पंजाब व हिमाचल से गुहार लगाएंगे।
जानकारी के मुताबिक, उक्त कंपनी फेज-5 स्थित कल्याण ज्वेलर्स वाले ब्लॉक में स्थित थी। ठगी के शिकार हुए लोग ने बताया कि कंपनी ने पूरी प्लानिंग के तहत उन्हें फंसाया। कंपनी ने एक नामी अखबार में कुछ समय पहले एक विज्ञापन दिया था।
इसमें साउथ अफ्रीका वर्क परमिट पर भेजने की बात कहीं गई थी। कंपनी ड्राइवर, प्लंबर समेत विभिन्न ट्रेडों पर वीजा लगाने का दावा किया था। इसके बाद उन्होंने कंपनी से संपर्क किया। कंपनी वालों ने उन्हें काफी बढ़िया तरीके ढील किया। इसके बाद उन्होंने दो-दो किश्तों में किसी से 70 तो किसी से 75 हजार रुपये ले लिए। लेकिन बाद में कंपनी के प्रबंधकों ने फोन तक उठाना बंद कर दिया।
बुड़ैल में फर्जी तरीके से करवाते थे मेडिकल
ठगी का शिकार हुए लोगों ने बताया कि पासपोर्ट लेने के बाद कंपनी ने कुछ दिन बाद फोन कर बताया कि उनके वीजा लगने की तैयारी हो गई। उन्हें जल्द ही मेडिकल करवाने के लिए आना होगा। इसके बाद उन्होंने फिर से कंपनी वालों से संपर्क किया। कंपनी वालों ने उन्हें मोहाली में मेडिकल के लिए बुलाया।
इस दौरान पहले पांच सौ रुपये की एक पर्ची काटी। फिर उन्हें सेेक्टर-45 बुड़ैल में मेडिकल करवाने के लिए भेज दिया। वहां एक डॉक्टर था। उसने 35 सौ रुपये मेडिकल के लिए वसूले। उसने मात्र उनका खून टेस्ट किया। साथ ही कहता कि उनका मेडिकल हो गया। जब उन्होंने इस चीज का विरोध किया तो उसने भी उन्हें धमकाया।
मैसेज भेजकर बताया वीजा लग गया
युवकों ने बताया कि कंपनी के एक अधिकारी का उन्हें कुछ दिन पहले मैैसेज आया। इमसें कहा गया था कि उनका वीजा लग गया है। उन्हें एयरपोर्ट के लिए निकलना है। उनके पासपोर्ट कंपनी के एक दराज में रखे है, वहां मिल जाएंगे।
उन्होंने बताया कि वे जैसे ही कंपनी के दफ्तर पहुंचे तो दराज से उन्हें पासपोर्ट तो मिल गए। लेकिन वीजा आदि कुछ नहीं लगा था। वहीं, उसके बाद से कंपनी प्रबंधक फोन भी नहीं उठा रहे हैं। अब फोन चलना भी बंद हो गए हैं।
उधार लेकर की थी बाहर जाने की तैयारी
ठगी का शिकार हुए लोगों ने बताया कि अधिक गरीब घरों से संबंध रखते हैं। उन्होंने उधार पर बड़ी मुश्किल से पैसे का इंतजाम किया था। लेकिन ठगी होने के बाद वे अब पूूरी तरह बर्बाद हो गए हैं। उन्हें समझ नहीं आ रही कि आखिर क्या करें। दूसरा घर का खर्च चलान मुश्किल हो गया है। दविंदर पाल, असलम समेत कई युवकों ने बताया कि हालात ऐसी हो गई कि हिमाचल से चंडीगढ़ आने तक के पैसे भी वह नहीं जुटा पा रहे हैं।
पढ़ी लिखी युवतियां भी बनी ठगी का शिकार
पता चला है कि उक्त लोगों ने केवल कम पढ़े लिखे लोगों को ही ठगी का शिकार नहीं बनाया है। बल्कि पढ़ी लिखी युवतियां भी इनकी शिकार बनी हैं। सबसे ज्यादा बीएससी नर्सिंग वाली लड़कियों ने उक्त कंपनी से वीजा लगवाने के लिए संपर्क किया था।
कंपनी ने उनसे एक-एक लाख रुपये वसूला है। अधिकतर लड़कियां शिमला, हमीरपुर, ऊना और कांगड़ा की है। पता चला है कि एक लड़की का तो पासपोर्ट अभी थाना फेज-1 पुलिस में पड़ा हुआ है।