विवाहिता की गला दबाकर हत्या करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने उसके पति मोहम्मद कामिल और पड़ोस में रहने वाली शन्नो को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही महिला पर एक लाख और दोषी पति पर चार लाख रुपये का आर्थिक जुर्माना लगाया है। अदालत ने जुर्माना राशि में से 3 लाख रुपये बतौर मुआवजा मृतका के बच्चों को देने के आदेश दिए हैं। मामले के अनुसार, 31 अगस्त 2014 को मौलीजागरां निवासी बानो घर में पंखे से लटकती मिली थी।
पड़ोस की रहने वाली शन्नो उसे सरकारी अस्पताल ले गई थी, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। मृतका के भाई अकरम खान ने मनीमाजरा थाना पुलिस में जीजा मोहम्मद कामिल के खिलाफ बानो को आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में केस दर्ज कराया था। इस पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।
शिकायत में अकरम का कहना था कि उसके जीजा कामिल के किसी महिला से अवैध संबंध होने से उसकी बहन परेशान थी। वह जब पति को रोकती थी तो वह उससे मारपीट करता था। इसी हरकत के कारण उसकी बहन ने यह कदम उठाया। बानो के दो लड़के और एक लड़की थी।
घटना के बाद जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई तो उसमें बानो की मौत का कारण गला घोंटने से हुई हत्या बताया गया। इस पर पुलिस ने कामिल से पूछताछ की तो उसने शन्नो के साथ मिलकर हत्या की बात कबूली। पुलिस ने मृतका के बच्चों के बयान भी दर्ज करवाए। इस आधार पर पुलिस ने शन्नो को भी गिरफ्तार कर दोनों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश रचने की धाराओं में केस दर्ज किया था।