सेक्टर-80 में एक्सिस बैंक की कैश वैन लूटने वाले आठ लुटेरों का सरगना बताया जा रहा रणप्रीत उर्फ राणा (35) संत लोंगेवाल इंस्टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी से बीटेक पास है। वह आईएएस बनना चाहता था।
उसने चंडीगढ़ में सिविल सर्विसेज की कोचिंग भी ली और परीक्षा में बैठा मगर सफल नहीं हुआ। उसके बाद अपराध के रास्ते पर चल पड़ा। लूट के बाद जब सुबूत ठिकाने लगाए जा रहे थे।
वैन, कार और हथियार जब खेतों में छोड़े जा रहे थे तो जिस बैग में सामान छोड़ा गया उसमें से एक में लुटेरे का विजिटिंग कार्ड भी था। पुलिस ने सबसे पहले उसे ही पकड़ा और उसकी निशानदेही पर बाकी सब पकड़े गए।
ये थे लूट गिरोह के अन्य सदस्य
आईजी पटियाला जोन-1 परमजीत सिंह गिल के अनुसार गैंग का सरगना रणप्रीत सिंह उर्फ राणा (35) बनूड़ के खेड़ा गंजू का रहना वाला है। पूरा प्लान उसी ने बनाया था।
अन्य आरोपियों में सोहाना के जोगिंदर सिंह (38) व तलविंदर सिंह उर्फ चन्न (21), लुधियाना निवासी लखविंदर उर्फ जग्गा (27), राजपुरा के नीलपुर निवासी गुरविंदर सिंह उर्फ लाली (25) व राहुल (22), चंडीगढ़ के सेक्टर-23 निवासी परमिंदर सिंह (31) और मोहाली के स्यामपुर सोहाना निवासी बूटा गिर (22) शामिल है।
यहां तक पढ़े हैं सभी लुटेरे
मामले के मुख्य आरोपी राणा बीटेक पास है। परमिंदर 12वीं पास, राहुल 8वीं, जोगिंदर, तलविंदर, लखविंदर, गुरविंदर व बूट्टा गिर 10वीं कक्षा तक पढ़े हुए हैं।
राणा पर दर्ज हैं छह मामले
गैंग के सरगना राणा के खिलाफ विभिन्न थानों में छह मामले में चल रहे हैं। इनमें मोहाली के थाना फेज-8, सोहाना, मटौर में एक केस व सिटी राजपुरा थाना में तीन के स दर्ज हैं। उसके साथी राहुल कुमार पर राजपुरा में दो केस चल रहे हैं।
वहीं, परमिंदर सिंह के खिलाफ मटौर थाने में दो मामले दर्ज है। जबकि तलविंदर चन्न के खिलाफ थाना मटौर में दो मामले व बूटा गिर के खिलाफ दो मामले दर्ज हैं।
हर्बल कंपनी में मिले थे आरोपी
पुलिस मुताबिक मुख्य आरोपी राणा चंडीगढ़ की एक आयुर्वेदिक सामान बनाने वाली कंपनी मे मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव था। इस दौरान कुछ आरोपी उसके संपर्क में आए थे। जबकि कुछसे उसकी मुलाकात जेल में हुई थी।
पुलिस मुताबिक 2009 में गैंग अस्तित्व में आया था। राणा जब आईएएस की परीक्षा को पास नहीं कर पाया, तो उसने थोड़े समय में पैसा कमाने के चक्कर उसने यह रास्ता चुना था। फिर कुछ और साथियों के साथ 2012 गैंग का आकार कुछ और बढ़ा हो गया था।