सेक्टर-23 हाउसिंग बोर्ड इलाके में गुरुवार रात एक व्यक्ति ने पत्नी और बेटी के साथ फंदा लगाकर जान दे दी। सुबह तीनों के शव घर के कमरे में पंखे से लटकते मिले। पुलिस ने सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
फिलहाल इस संबंध में मृतक जगवीर का बेटा अजय ने पड़ोस में रहने वाली पांच महिलाओं के खिलाफ खुदकुशी के लिए विवश करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
आरोप लगाया गया है कि पड़ोस में रहने वाली सिम्मी, नीलम, मुकेश, रेनू और बाला उसकी मां के साथ कमेटी डालती थीं। ये कमेटी के 40 लाख रुपए लेकर फरार हो गईं।
महिलाएं पैसे लेकर फरार हो गई थीं
पुलिस के अनुसार सेक्टर-23 में जगवीर (45) पुत्र लालचंद पत्नी सुदेश (40) और पुत्री प्रियंका (22) के साथ रहता था। सुदेश पड़ोस में रहने वाली कुछ महिलाओं के साथ कमेटी डालने का काम करती थी।
आरोप है कि कुछ महिलाएं कमेटी में जमा 40 लाख रुपए लेकर फरार हो गईं। इसके बाद कमेटी डालने वाले व्यक्तियों ने जगवीर और उसकी पत्नी पर पैसे लौटाने के लिए दबाव डालना शुरू कर दिया। इससे परिवार के तीनों सदस्य तनाव में थे। इसी के चलते जगवीर, सुदेश और प्रियंका ने गुरुवार रात कमरे फंदा गले में डालकर जान दे दी।
सुबह घटना की जानकारी मिलने पर लोगों ने जगवीर के बेटे को सूचना दी,जो कि दिल्ली में पढ़ाई कर रहा है। सूचना मिलने पर डीएसपी हेडक्वार्टर दर्शन लाल मलिक, सिटी थाना प्रभारी आशीष कुमार,मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। शवों का सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
करीब डेढ़ वर्ष पहले खरीदा था मकान
जगबीर गुलिया कुंडली स्थित प्लाट नं. 388 में स्थित बालाजी फैक्टरी में प्रबंधक के पद पर तैनात था। उसने मई 2013 में करीब 42 लाख रुपये की लागत से एक घर खरीदा था।
उसकी बेटी प्रियंका खानपुर स्थित महिला विवि में बीबीए फाइनल वर्ष की छात्रा थी। वह विवि के हॉस्टल में रहती थी और एक सप्ताह पहले ही अपने घर आई थी। बेटा अजय एमबीए की पढ़ाई पूरी कर दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है।
बेटे से मिलने दिल्ली गए थे। जगवीर, उसकी पत्नी सुदेश और बेटी प्रियंका बृहस्पतिवार को अजय से मिलने दिल्ली गए थे। इस दौरान उन्होंने कटरा स्थित माता वैष्णो देवी के दर्शन करने का प्लान भी बनाया गया।