हैदराबाद की एक आईटी कंपनी में कार्यरत सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने पंचकूला निवासी पत्नी के खिलाफ आईटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया है।
आरोप है कि पत्नी ने उसकी आईडी हैक कर 25 लाख रुपये आय की फर्जी इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर दी। ताकि कोर्ट में चल रहे मेंटेनेंस के केस में उसे ज्यादा मुआवजा मिल सके।
मामला हैदराबाद के साइबर क्राइम थाने में आईपीसी की धारा 419 व आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया है। हैदराबाद के वेस्ट मराडीपल्ली स्थित बंजारा अपार्टमेंट निवासी विकास गोयल ने पंचकूला सेक्टर-12ए निवासी अक्षिता के खिलाफ शिकायत दी थी।
विकास ने शिकायत में कहा है कि उसने वर्ष 2012-13 की इनकम टैक्स रिटर्न फाइल की थी, लेकिन किसी कारण से वह 2013-14 की रिटर्न फाइल नहीं कर पाए। क्योंकि पुरानी कंपनी छोड़कर नई में ज्वाइन किया था और आय से संबंधित सभी दस्तावेज उनके पास मौजूद नहीं थे।
पांच अप्रैल को उन्हें पता चला कि ऑनलाइन ही उनकी रिटर्न फाइल हो गई है, जबकि उन्होंने वो फाइल नहीं की थी। रिटर्न 25 लाख रुपये की आय पर भरी गई।
इस पर तुरंत इनकम टैक्स कंसलटेंट से बात की तो उन्होंने आयकर विभाग में शिकायत देने के लिए कहा। आयकर विभाग में शिकायत दी गई। आयकर विभाग ने साइबर क्राइम थाने में भी शिकायत देने को कहा।
एडिशन सेशन कोर्ट में चल रहा है केस
विकास गोयल और अक्षिता के बीच पंचकूला की एडिशनल सेशन कोर्ट में मेंटेनेंस का केस चल रहा है। विकास ने शिकायत में कहा है कि अक्षिता उससे ज्यादा खर्च चाहती है, तभी उसने आईडी हैक कर फर्जी आईटीआर रिटर्न फाइल की है। क्योंकि जिस आईपी एड्रेस से आईडी हैक हुई है वह दिल्ली का है।
कोर्ट ने मांगी थी आईटीआर रिटर्न
दरअसल पहले विकास पर दहेज प्रताड़ना का केस दर्ज हुआ था, जिसमें वह बरी हो चुका है। इसके बाद अक्षिता ने खुद और बेटे के रखरखाव के खर्च का केस डाला। इसमें कोर्ट से 30 हजार रुपये महीना अदा करने के आदेश हुए।
इस रकम को ज्यादा मानते हुए विकास ने भी ऊपरी अदालत में अपील कर दी और अक्षिता ने भी ज्यादा खर्च के लिए अपील कर दी। पिछले दिनों कोर्ट ने आदेश दिए थे कि दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी नई इनकम टैक्स रिटर्न के दस्तावेज कोर्ट में पेश करें।
विकास ने अपनी शिकायत में कहा कि अक्षिता ने उसकी फर्जी रिटर्न फाइल कर दी, ताकि उसे कोर्ट से ज्यादा मुआवजा मिल सके।