वहीं घटना के बाद शिवकरण सिंह के सगे संबंधी घायल सुखप्रीत कौर को संभालने में लग गए। इस दौरान उन्हे गांववासियों ने सूचना दी कि शिवकरण सिंह ने अपने घर के नजदीक बनी धर्मशाला में पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली हैं। जब तक वहां उसके सगे संबंधी पहुंचे, तब तक शिवकरण सिंह की मौत हो चुकी थी। जिसके बाद उन्होंने कालांवाली पुलिस को उक्त घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही कालांवाली व सिंघपुरा चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर कानूनी कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम के लिए सिरसा भेजा। बताया जा रहा हैं कि शिवकरण सिंह का सुखप्रीत कौर निवासी रोड़ी से करीब दस वर्ष पूर्व विवाह हुआ था। शिवकरण सिंह और सुखप्रीत सिंह दोनों साथ-साथ मजदूरी का कार्य करते थे और उनका वैवाहिक जीवन सही चल रहा था।
शिवकरण सिंह के लगभग 8 वर्षीय व 6 वर्षीय दो लड़के हैं। लेकिन कुछ सालों से शिवकरण सिंह उसे मजदूरी करने से मना करने लगा। जिस पर दोनों में क्लेश रहने लगा। जिसको लेकर सुखप्रीत कौर ने महिला थाने में शिवकरण सिंह पर नशा करने और नशे की हालत में उसके साथ मारपीट करने की शिकायत भी दे रखी थी। जिसका लगभग एक माह पूर्व पंचायत सदस्यों ने राजीनामा भी करवा दिया था। लेकिन इसके बाद रविवार सुबह फिर से दोनों में झगड़ा होने के कारण शिवकरण सिंह ने ऐसा कदम उठाया।
वहीं शिवकरण सिंह के उसके अलावा 5 भाई और 3 बहने थी। जिसमें से एक बड़े भाई ने 3 साल पूर्व मानसिक रूप से परेशान होकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शिवकरण सिंह के भाई बलकरण सिंह के बयान पर पुलिस ने इत्तफाकिया कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम करवा दिया हैं और परिजनों को सौंप दिया हैं।
वहीं सुखप्रीत कौर के पिता दर्शन सिंह निवासी रोड़ी ने बयान दिया कि उसका दामाद पिछले करीब 6 साल से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। जिसके चलते वह नशा करता था और उसकी बेटी के साथ मारपीट करता था। वहीं उन्होंने बताया कि दर्शन सिंह की दो और बेटियां भी शिवकरण के भाईयों के साथ विवाहित हैं। - सतबीर सिंह, चौकी इंचार्ज, सिंघपुरा