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पिट रहे पतियों की गुहार, हमें बीवी से बचाओ

Mon, 11 Aug 2014 05:06 PM IST
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
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अकसर घरेलू हिंसा पर हमारे दिमाग में महिलाओं के साथ हो रही प्रताड़ना की बात ही आती है जबकि घरेलू हिंसा का विषय महिलाओं से संबंधित नहीं है, लेकिन असलियत यह है कि घरेलू हिंसा की पीड़ित सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि शहर के पुरुष भी हैं।
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ऐसे पुरुषों की संख्या भी बढ़ रही है जो कि अपनी पत्नियों से प्रताड़ित है। पुलिस के अनुसार घरेलू हिंसा से संबंधित जो शिकायतें आ रही है, उनमें से 25 प्रतिशत ऐसी हैं जो पुरुषों ने अपनी पत्नियों के खिलाफ दी हैं।

आंकड़ों के अनुसार साल 2014 में कुल 149 शिकायतें घरेलू हिंसा की आई हैं, जिनमें से 39 शिकायतें पुरुषों की ओर से दर्ज करवाई गई है। इन लोगों ने अपनी बीवियों के खिलाफ शिकायत दी है, लेकिन पुलिस की ओर से किसी का भी मामला दर्ज नहीं किया गया है।
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शारीरिक प्रताड़ना पर अधिकतर चुप रहते हैं पति

अधिकतर पति यह शिकायत दें रहे हैं कि उनकी पत्नियों ने उन्हें पीटा गया है। सेव इंडिया फैमिली फाउंडेशन (एसआईएफ) जो कि एक पारिवारिक संगठन है। इस एनजीओ के पास पिछले 80 दिन में हेल्पलाइन पर 19 हजार 800 कुल शिकायतें देश भर से घरेलू हिंसा की आई है।

यह वह शिकायतें है जो पतियों की ओर से घरेलू हिंसा के खिलाफ की गई है, जिनमें से शहर के 2200 शिकायतें ऐसी है जो कि शहर के पतियों की ओर से की गई है। इन संस्था की ओर से अप्रैल 2014 से पीड़ित पतियों को कानूनी राय साइकालोजी मदद, न्यायिक और भावुकता मदद दी जा रही है।

एसआईएफ संगठन के पदाधिकारियों के अनुसार अधिकतर मामलों में पुरुष अपने साथ हुए शारीरिक प्रताड़ना पर चुप रहते हैं क्योंकि वह डरते हैं कि उनकी बात पर कोई भी आसानी से विश्वास नहीं करेगा और पुलिस भी इतनी गंभीरता नहीं दिखाएगी।
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पत्नी प्रताड़ित पतियों के ‌लिए हेल्पलाइन

अधिकतर पुरुष इस बात को लेकर शर्म महसूस करते है कि वह प्रताड़ित हो रहे हैं। हाल ही में एक पुरुष ने हेल्पलाइन पर शिकायत की है जिसे उसकी पत्नी की ओर से पीटा गया था वह अपना इलाज करवाने के लिए सरकारी अस्पताल में भी गया था।

एसआईएफ के संस्थापक सदस्य एवं अध्यक्ष राजेश वखारिया संस्था का हेल्पलाइन नंबर-08882498498 है। यह हेल्पलाइन देशभर के पतियों की घरेलू हिंसा की समस्याएं सुनती है।

उनका कहना है कि केंद्र सरकार जानवरों की सुरक्षा के लिए तो कदम उठाती है लेकिन पुरुषों की समस्याएं सुनने के लिए कोई गंभीरता नहीं दिखाती है उनका कहना है कि जबकि सबसे ज्यादा टैक्स पुरुष ही अदा करते है।

उनका कहना है कि कोई भी घरेलू हिंसा से प्रताड़ित पुरुष उनके मोबाइल नंबर 09890974788 पर भी संपर्क कर सकता है।
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