वह बता रहा था कि काफी परेशान है और ऐसा लग रहा है कि वह किसी की हत्या कर देगा या फिर खुद आत्महत्या कर लेगा। ऐसी बात होने पर नीरज ने पंकज से काफी पूछताछ की कि वह किस वजह से परेशान है, लेकिन उसने कुछ नहीं बताया। रविवार शाम को दोनों भाई घर का राशन खरीद कर लाए। रात को परिवार ने साथ खाना खाया। खाना खाने के बाद पंकज का बेटा नीरज के पास सो गया, जबकि बेटी पंकज और पूनम के पास सो रही थी।
सोमवार सुबह जब आठ बजे तक दोनों बाहर नहीं आए तो नीरज उन्हें जगाने के लिए चला गया, लेकिन किसी ने दरवाजा नहीं खोला। काफी देर दरवाजा खटखटाने के बाद नीरज ने दरवाजा तोड़ दिया। अंदर दोनों के शव लटकते देख उसके होश उड़ गए। उनका शोर सुन कर आसपास लोग इकट्ठा हो गए।
लोगों ने जानकारी पुलिस को दी। एसीपी नार्थ मुख्तयार राय ने बताया कि अभी तक दोनों की आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है। दोनों के पास से कोई सुसाइड नोट भी बरामद नहीं हुआ है। जांच की जा रही है।