स्थानीय गुलाबगढ़ मार्ग स्थित एलआईसी एजेंट के कार्यालय के बाहर पंजाब, हरियाणा एवं हिमाचल की दर्जनों महिलाओं ने जमकर हंगामा किया।
उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंट संदीप कुमार उनके द्वारा जीवन बीमा निगम की अलग-अलग पॉलसियों में लगाए सैकड़ों लोगों के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया है।
लोगों ने एजेंट के कार्यालय में कार्य करने वाली एक महिला को पकड़ कर पुलिस के हवाले किया, ताकि एजेंट का कोई सुराग लगाए जा सके। पुलिस ने पीड़ित महिलाओं की शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई शुरू कर दी थी।
एजेंट के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही महिला मंजु बाला निवासी शहजादपुर, हरियाणा ने बताया कि यहां इकट्ठी हुई महिलाएं पंजाब, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश के अलग-अलग गांवों में आंगनवाड़ी एवं अन्य सामाजिक कार्यकर्ता हैं। उनको आरोपी संदीप कुमार निवासी मकान नंबर-49, गुलमोहर सिटी, ब्लाक बी डेराबस्सी ने अपना एजेंट बनाया था।
संदीप ने यह मकान किराए पर ले रखा था। उसने सभी कार्यालय किराए पर ले रखे थे। महिलाओं ने बताया कि वह अपने-अपने क्षेत्र से एजेंट संदीप कुमार के लिए लोगों की जीवन दीप, सूक्ष्म बीमा, जीवन मधुर जीवन बीमा की पॉलिसी करते थे।
इसके पैसे वे संदीप कुमार द्वारा बनाई लक्ष्य नामक एजेंसी के बैंक खाते में जमा करवाते थे। जिनकी रशीदें भी उनके पास हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि संदीप ने उनके द्वारा दिए पैसों से उपभोक्ताओं की शुरुआती किश्तें भरकर उनको पॉलसी दे दी। लेकिन बाद में कई सालों से दी जा रही, किश्तों को वह हजम कर गया।
इस बारे में उन्होंने चंडीगढ़ कार्यालय में पता किया तो उनको पता लगा कि उनकी किश्तें जमा नहीं है। उन्होंने बताया कि जीवन बीमा के चंडीगढ़ कार्यालय के मैनेजर ने भी संदीप को कई फोन किए। लेकिन वह किसी का फोन नहीं उठा रहा है।
मौके पर मौजूद मधुबाला निवासी गांव चत्ताण, नसीब कौर, रक्षा देवी, गुरमीत कौर, राज दुलारी, सुमित्रा, पूनम, गीता, कौशल्या देवी, हरमेश देवी, जीवन प्रकाश, सुदेश बाला, ममता, मीना देनी, सुमीता, राजरानी समेत दर्जनों महिलाओं ने रोष प्रगट करते हुए कहा कि वह सभी गरीब परिवारों से संबंध रखती हैं।
एजेंट लोगों से पांच से पंद्रह साल के लिए यह पॉलिसी करता था। वह प्रति माह पांच सौ रुपये इकट्ठे कर यह पॉलिसी करता था।
लेकिन अब जिन लोगों ने पॉलिसी ली है, वह उन पर धोखा करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि उन्होंने सारे पैसे लक्ष्य के बैंक खाते में जमा कराए हैं।
इसकी उनके पास रसीद भी है। उन्होंने मौके पर एक सूची दी, जिसमें करीब चार से पांच करोड़ रुये के करीब राशि थी, जिनकी किश्तें जमा नहीं कराई गईं।
आरोपी लक्ष्य नाम का एनजीओ चलाता था
भारतीय जीवन बीमा निगम चंडीगढ़, कार्यालय में मैनेजर (माईक्रो) पीसी धीमान ने कहा कि भारत सरकार ने जीवन मधुर, सूक्ष्म जीवन एवं जीवन दीप पॉलिसी का कार्य एनजीओ को दिया हुआ था।
जिनमें लक्ष्य एनजीओ भी शामिल है। इसका आरोपी संदीप कुमार सचिव था, जो साल 2008 से अलग-अलग गांवों में पॉलिसी कर रहा था।
उसने कई कार्यालय भी बनाए हुए थे। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीने से इसकी शिकायतें आ रही थीं। इस पर उसे नोटिस भी जारी किए। उन्होंने कहा कि आरोपी ने काफी लोगों के पैसे जमा नहीं कराए हैं।
थाना प्रभारी गुरवंत सिंह ने बताया कि महिलाओं की शिकायत दर्ज करने के बाद मामले की छानबीन की जा रही है। आरोपी संदीप कुमार ने उसके कार्यालय में कार्य करने वाली रानी महिला का फोन उठाकर बात की, तो कहा कि वह वापस नहीं आएगा।