नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने अलग अलग जगहों से तीन व्यक्तियों को 11 किलो से ज्यादा चरस के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तीनों आरोपी हिमाचल प्रदेश के रहने वाले है।
एनसीबी ने पहले मामले में हिमाचल के कुल्लू जिले में स्थित गांव कासोल में होटल चलाने की आड़ में ड्रग तस्करी कर रहे होटल मालिक व होटल मैनेजर को 4.272 किलो चरस केसाथ गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान कासोल निवासी यश पैलेस के मालिक यशपाल (40) और कुल्लू जिले के गांव ग्रहान के रहनेवाले राम प्रकाश (39) के रूप में हुई है। एनसीबी चंडीगढ़ जोन के सुपरिंटेंडेंट कुलदीप शर्मा ने बताया कि दोनों गुप्त सूचना के आधार पर शनिवार सुबह करीब 7 बजे होटल यश पैलेस पर एनसीबी ने रेड की।
होटल के एक स्टाफ रूम से ही जहां पर होटल का मैनेजर राम प्रकाश सोया हुआ था वहां अलमारी में रखी 4.272 किलो चरस बरामद हुई। जिसके बाद पूछताछ के बाद होटल मालिक यशपाल को भी गिरफ्तार कर लिया।
होटल की आड़ में कर रहे थे ड्रग तस्करी
एनसीबी ने दबोचे
- फोटो : अमर उजाला
एनसीबी ने बताया कि आरोपियों ने यह खेप शनिवार को चंडीगढ़ इनोवा गाड़ी से चंडीगढ़ भेजनी थी। बताया जा रहा है कि दोनों आरोपी पिछले कई सालों से ड्रग तस्करी में लिप्त थे।
चंडीगढ़ में आरोपी कालेज छात्रों को चरस सप्लाई करते थे। एनसीबी ने बताया कि आरोपी यश पाल की पत्नी कासोल गांव की प्रधान पद पर भी है। वहीं एनसीबी ने दूसरी चरस की एक बड़ी खेप पंजाब के रोपड़ बस स्टैंड से पकड़ी।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हिमाचल के चंबा जिले के गांव किनूनी निवासी नर सिंह (27) के रूप में हुई है। एनसीबी टीम ने नर सिंह को शनिवार सुबह बस स्टैंड से 7 किलो चरस के साथ पकड़ा।
एनसीबी को सूचना मिली थी कि आरोपी नशे की खेप केसाथ बस स्टैंड पर आ रहा है। एनसीबी ने बस स्टैंड पर ट्रैप लगाया और जैसे ही नर सिंह वहां पहुंचा उसको दबोच लिया।
नर सिंह के पास एक बैग था जिसमें सात किलो चरस छिपा कर रखी हुई थी।
एनसीबी ने बताया कि वो नर सिंह के पीछे पिछले छह महीने से लगी हुई थी। लेकिन अब जाकर कामयाबी मिली है। एनसीबी ने बताया कि नर सिंह चरस की सप्लाई पंजाब के लुधियाना में खासकर कालेज में पढ़ने वाले छात्रों को करता था।