चंडीगढ़ सेक्टर-52 स्थित कजहेड़ी में होटल दिलजोत रेसिडेंसी पर हुई फायरिंग के मामले की जांच अब सेक्टर-36 थाना करेगा। वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑपरेशन सेल से केस को सेक्टर-36 थाने में ट्रांसफर किया। वहीं ऑपरेशन सेल में तैनात हेड कांस्टेबल विरेंदर विरेन को सस्पेंड कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
मोहाली फेज-2 में फायरिंग में घायल विक्की बांउसर ने पीजीआई में इलाज के दौरान वीडियो जारी कर आरोप लगाया कि हेड कांस्टेबल विरेंदर की शह पर जेल में बंद सूरज और विकास ने वारदात को अंजाम दिया। विक्की ने यह भी दावा किया कि सूरज और हेड कांस्टेबल के बीच पैसों और गाड़ियों का लेनदेन था।
आंतरिक जांच के बाद हुई कार्रवाई
वरिष्ठ अधिकारियों की आंतरिक जांच रिपोर्ट के आधार पर हेड कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया। विक्की ने यह भी कहा कि वीडियो बनाने वाले अमन और ऋत्विक ने गोलियां नहीं चलाईं, बल्कि वीडियो वायरल कर साजिश रची गई। पुलिस का दावा है कि फायरिंग अमन और ऋत्विक ने की। उनके पास बाइक, कपड़े और 30/32 बोर पिस्टल बरामद हुई हैं।
आरोपियों का रिमांड बढ़ा
ऑपरेशन सेल ने आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चार दिन का रिमांड लिया था। सेक्टर-36 थाना ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर भेजा। पूछताछ में दोनों ने कबूला कि जेल में बंद विकास और भोलू के कहने पर उन्होंने विक्की और बीरू के होटल पर फायरिंग की। अमन ने ऋत्विक के जरिए मेरठ से दो पिस्टल मंगवाई थीं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि भोलू और विकास ने उन्हें विक्की और बीरू के अलावा दो अन्य साथियों को भी निशाना बनाने का आदेश दिया था।