एक युवक को प्यार करने की सजा अपनी जान देकर गंवानी पड़ी और उसके साथ इतनी क्रूरता हुई जिसने सभी को हिला कर रख दिया। मामला हरियाणा के हिसार का है। प्रेम विवाह करने पर निर्दयता का शिकार हुए धर्मबीर के शव का सोमवार को राजस्थान के भादरा में पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद शव को गांव डोभी में लाया गया।
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सोमवार देर शाम करीब आठ बजे गांव में अंतिम संस्कार किया गया। सिरसा कोर्ट में धर्मबीर ने करीब तीन महीने पहले एक युवती से प्रेम विवाह किया था। युवती डोभी के साथ लगते गांव में अपने मामा के घर रहती थी। लड़की गांव से आदमपुर कॉलेज में पढ़ने जाती थी। धर्मबीर प्राइवेट बस का चालक था। लड़की धर्मबीर की बस में सफर करती थी, जिसके चलते दोनों में मेल-मिलाप हो गया था।
बाद में दोनों की दोस्ती प्यार में बदल गई थी। करीब तीन महीने पहले दोनों ने घर से भागकर सिरसा कोर्ट में मैरिज कर ली थी। परिजनों ने बताया कि धर्मबीर को पीट-पीटकर मारा गया था। जब तक धर्मबीर की मौत नहीं हुई, तब तक उसे पीटा गया। डंडों से धर्मबीर को पीटा गया। उसके शरीर पर लाठियों के निशान भी मिले हैं। मर्डर के बाद धर्मबीर के हाथ-पैर बांधकर उसे नहर में डाल दिया गया था।
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नहर में मिली थी खून से लथपथ लाश, युवती जिंदा मिली
ऑनर किलिंग
दो दिन पहले फतेहाबाद के गांव ढिंगसरा से किडनैप किए गए अंतरजातीय प्रेम विवाह करने वाले धर्मबीर की खून से लथपथ लाश भादरा से 20 किलोमीटर दूर एक नहर में मिली थी। ऑनर किलिंग की आशंका जताई जा रही है। मृतक के भाई राकेश का आरोप है कि बीते दिन गांव ढिंगसरा में धर्मबीर के मामा रायसिंह के घर पर हमला करके पिस्तौल की नोक पर मृतक धर्मबीर एवं उसकी पत्नी सुनीता का अपहरण करने वाले सुनीता के परिजन ही हैं और उन्होंने ही उनकी बेटी सुनीता से प्रेम विवाह करने वाले उसके भाई धर्मबीर की निर्मम हत्या कर दी है।
भादरा पुलिस की ओर से रविवार सुबह मृतक धर्मबीर के परिजनों के पास धर्मबीर की हत्या का मैसेज पहुंचा और उन्होंने आगे की कार्यवाही के लिए उनसे भादरा आने को कहा। लेकिन मृतक के परिजनों व ग्रामीणों ने फतेहाबाद में आकर लाल बत्ती चौक स्थित पार्क में धरना दे दिया और शव लेने से इंकार कर दिया। इसके बाद घटना की जानकारी मिलते ही डीएसपी जगदीश काजला मौके पर पहुंचे और उन्होंने भादरा पुलिस अधिकारियों से बात कर सारे मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने ढिंगसरा के सरपंच अशोक जाखड़ व मृतक के परिजनों को कड़ी कार्यवाही का भरोसा दिया।
जिसके बाद जाकर पुलिस की एंबुलैंस में मृतक धर्मबीर के परिजन शव लेने के लिए भादरा रवाना हुए। मृतक धर्मबीर व सुनीता ने बीते 16 मार्च को ही सिरसा में कोर्ट मैरिज की थी। मृतक धर्मबीर के परिजनों ने छह लोगों पर धर्मबीर की हत्या में शामिल होने का शक जताया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है, समाचार लिखे जाने तक भट्टू पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज नहीं किया है। भट्टू एसएचओ आत्माराम का कहना है कि इस मामले में फिलहाल धर्मबीर और सुनीता के अपहरण का मुकदमा दर्ज है। भादरा पुलिस से शव के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट व अन्य कागजी औपचारिकताएं पूरी होते ही मर्डर का मुकदमा दर्ज कर दिया जाएगा।
ये था मामला
ऑनर किलिंग
सिरसा में कोर्ट मैरिज करने वाले हिसार के गांव ढोबी निवासी धर्मबीर व उसकी पत्नी सुनीता भट्टू के गांव ढिंगसरा में चार दिन पहले धर्मबीर के मामा रायसिंह के घर रहने आए थे। रायसिंह ने बीते दिन पुलिस को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि शुक्रवार दोपहर बाद 5 गाडिय़ों में सवार होकर आए दो दर्जन के करीब लोगों ने हवाई फायर कर अगवा कर लिया।
पुलिस ने इस मामले में अपहृत युवक के मामा रायसिंह की शिकायत पर १५-२० अज्ञात लोगों के खिलाफ दंपति के अपहरण, आम्र्ज एक्ट व हवाई फायर व आम्र्ज एक्ट के तहत केस दर्ज करके जांच आरंभ कर दी थी। लेकिन इसके बाद शनिवार सुबह ही भट्टू पुलिस ने धर्मबीर की पत्नी सुनीता को आदमपुर के गांव शीशवाल से बरामद कर लिया।
मूल रूप से हिसार जिले के गांव मंगाली की रहने वाली सुनीता का शीशवाल में नानका परिवार रहता है और उसके मामा आदि शीशवाल गांव में ही रहते हैं। इसके बाद रविवार सुबह ही राजस्थान पुलिस से मृतक धर्मबीर के परिजनों के पास सूचना आ गई कि धर्मबीर की हत्या कर दी गई है और उसके पूरे शहर पर चोटों के निशान हैं।
एसपी सिरसा ने हाईकोर्ट के निर्देश पर भेजा था सिरसा सेफ हाऊस
marriage
- फोटो : डेमो
सिरसा कोर्ट में शादी करने के बाद हाईकोर्ट के निर्देश पर एसपी सिरसा के समक्ष धर्मबीर और सुनीता ने सुरक्षा की गुहार लगाई। जिसके बाद एसपी सिरसा ने उन्हें पुलिस सेफ हाऊस में भिजवा दिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो एक बार सेफ हाऊस के पास भी सुनीता के परिजनों की धर्मबीर से बहस हो गई थी। तकरीबन तीन दिन तक यहां रहने के बाद धर्मबीर और सुनीता एक बारगी तो धर्मबीर के गांव ढोबी चले गए लेकिन हर वक्त किसी अनहोनी का डर उन्हें यहां भी सताने लगा।
इसी अनहोनी की मार से बचने के लिए लगभग चार दिन पहले धर्मबीर अपनी पत्नी सुनीता को लेकर भट्टू के गांव ढिंगसरा में अपने मामा रायसिंह के घर आ गया। सबकुछ सही चल ही रहा था कि शुक्रवार दोपहर को अचानक गांव ढिंगसरा में उसके मामा के घर ही चार-पांच गाडिय़ों में भरकर आए लोगों ने हमला बोल दिया और राय सिंह की पत्नी को पहले घायल किया। इसके बाद आरोपियों ने धर्मबीर को पकडऩे का प्रयास किया, रायसिंह की मानें तो सुनीता ने उन्हें रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने सुनीता की पीठ पर भी बंदूक का बट मारा और फिर उसे और धर्मबीर को अपनी गाड़ी में बिठाकर जबरदस्ती ले गए ।
धर्मबीर ने पहले ही छह लोगों के खिलाफ जताई थी हत्या की आशंका
रविवार को फतेहाबाद पहुंचे मृतक धर्मबीर के परिजनों राकेश आदि ने बताया कि धर्मबीर को शादी के बाद से ही सबकुछ सही नहीं लग रहा था। उसे हमेशा ये आशंका रहती थी कि उसके ससुरालिये उस पर हमला कर सकते हैं। रविवार को इसलिए मृतक धर्मबीर के परिजनों ने उसके ससुर सीताराम, सास शारदा देवी, सुनीता का चाचा राधेश्याम, सुनीता का भाई सुनील कुमार, दलबीर और रिश्ते में चाचा लगने वाले बलबीर के नाम सौंपे।
'पुलिस कप्तान की ओर से मैं परिजनों से बात करने आया था। फिलहाल हमारी प्राथमिकता भादरा से मृतक धर्मबीर के शव को वपिस लेकर आना है। इसके लिए परिजनों को मनाने आया था। परिवार ने कुछ नाम दिए हैं, एक बार पोस्टमार्टम हो जाए, इसके बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। - डीएसपी जगदीश काजला, फतेहाबाद