विजिलेंस ने होमगार्ड के एसआई को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। वह युवक को धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। मामला पंजाब के लुधियाना है। पंजाब होमगार्ड का प्लाटून कमांडर नाकाबंदी के दौरान युवक को रोक कर उससे सामान छीनने के बाद नशे के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर ब्लैकमेल कर रहा था। उसने युवक से 90 हजार रुपये की मांग की, लेकिन 13 हजार रुपये रिश्वत लेते विजिलेंस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने पंजाब होमगार्ड के प्लाटून कमांडर एसआई राम बाबू के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मालेरकोटला के आशीष शर्मा की शिकायत पर केस दर्ज किया है। विजिलेंस अधिकारी बरजिंदर सिंह ने कहा कि आशीष शर्मा एक निजी कॉलेज में पढ़ाई करता है। 13 दिसंबर को वह अपनी सेंट्रो कार में मालेरकोटला अपने घर जा रहा था। रास्ते में बनूड़ के पास नाकाबंदी के दौरान उसे रोक लिया गया।
आरोपी राम बाबू ने उसे कहा कि उसकी गाड़ी में नशीला पदार्थ है और उसकी तलाशी लेनी है। इसी दौरान राम बाबू ने उससे दस हजार रुपये की नगदी, आईफोन और अन्य सामान छीन लिया और उसे धमकियां दी कि वह उसे नशा तस्करी के झूठे केस में फंसा देगा। इसके बाद राम बाबू ने उससे 90 हजार रुपये की मांग की। दो दिन तक वह आशीष को फोन करता रहा।
आशीष ने नोटबंदी का बहाना बनाया और इसकी शिकायत विजिलेंस को दी। उसके बाद उसने राम बाबू से कहा कि उसके पास 13 हजार रुपये के ही नए नोट हैं, वह उससे मिलकर ले ले। बाकी बचे पैसे वह अरेंज कर देगा। राम बाबू ने उसे कहा कि वह बनूड़ के बजाय मोहाली के एक गुरुद्वारा साहिब के बाहर उसे मिलेगा। जब आशीष ने उसे पैसे पकड़ाए तो विजिलेंस की टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।