खंड के गांव पीरगढ़ी से आठ दिन पहले लापता हुई किशोरी का शव गांव की जोहड़ से शुक्रवार को बरामद हुआ है। आठ दिसंबर को किशोरी लापता हुई थी व नौ दिसंबर को परिजनों ने हसनपुर थाने में उसे अगवा करने का केस दर्ज कराया था।
शव मिलने की जानकारी जैसे ही अन्य ग्रामीणों को मिली काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने युवती के शव को जोहड से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए पलवल के सिविल अस्पताल में भिजवाया। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो शायद किशोरी की जान बच जाती।
गांव पीरागढ़ी निवासी मुबीन के अनुसार आठ दिसबंर को उनकी 14 वर्षीय पुत्री नजराना अचानक लापता हो गई थी। उससे दो दिन पूर्व ही उनके ही दामाद ने उनकी पुत्री
को अगवा करने की धमकी दी थी। नौ दिसंबर को उन्होंने दो लोगों के खिलाफ अपहरण करने की शिकायत की थी, जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था। डीएसपी मौजीराम के अनुसार मामले की तफ्तीश की जा रही थी।
शुक्रवार को गांव के लोगों ने पुलिस को सूचना दी कि गांव की जोहड में एक लड़की का शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जब लड़की के शव को बाहर निकाला तो उसकी शिनाख्त लापता नजराना के रुप में हुई।
पुलिस के अनुसार लड़की का शव क्षत-विक्षत हो चुका था। संभवत: शव कई दिन से जोहड़ में पड़ा हुआ भी हो सकता है। डीएसपी मौजीराम का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं मुस्लिम वैलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष युनूस अहमद ने पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताते हुए कहा है कि पुलिस सक्रियता से शिकायत पर कार्रवाई करती तो शायद लड़की की जान बच सकती थी। यदि कोई हादसा भी है तो इसका भी पहले ही खुलासा हो सकता था।