हरियाणा के कैमरी गांव में चर्च में क्रॉस तोड़े जाने के मुद्दे को लेकर हिसार आईं हिंदू महासभा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष साध्वी देवा ठाकुर ने बुधवार को यहां काफी विवादास्पद बयान दिए।
साध्वी ने कहा है कि हिंदुस्तान में रह रहे ईसाई यहां अतिथि के तौर पर आए थे। उन्हें अतिथि की मर्यादा में ही रहना होगा। साध्वी यहीं नहीं रुकी, और कहा कि हिंदुओं पर कोई आंच आती है तो चर्च को मंदिर में तब्दील कर देना चाहिए। वे बुधवार को कैमरी जाने से पहले पत्रकारों से बातचीत कर रहीं थीं।
साध्वी देवा ठाकुर ने भाजपा नेताओं पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता वोट लेते वक्त तो हिंदू होने का नारा देते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद हिंदुओं की सुध से परे हो गए हैं।
कैमरी में चर्च को मंदिर में परिवर्तित करने के बयान पर साध्वी ने कहा कि वहां के हिंदुओं को अगर पुलिस प्रताड़ित करती है तो हिंदू महासभा आंदोलन की रूपरेखा तैयार करेगी। जब उनसे यह पूछा गया कि महासभा क्या कदम उठाएगी, तो उन्होंने कहा कि अभी कोई विचार नहीं किया गया है, लेकिन जल्दी ही निर्णय लिया जाएगा।
साध्वी ने कहा कि कैमरी में हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करने की कोशिश की जा रही थी, जिसे नाकाम कर दिया गया है। जब साध्वी से यूपी में मुस्लिमों को हिंदू धर्म में तब्दील करने के मामले के बारे में पूछा गया तो उन्होंने उस प्रकरण को घर वापसी बता कर पल्ला झाड़ लिया।
'अब हिंदुओं के एक्शन में आने का समय है'
देवा ठाकुर ने कहा कि अब हिंदुओं के लिए मौन रहने का नहीं, बल्कि एक्शन में आने का समय है। इस दौरान उनके साथ हिंदू महासभा के प्रदेशाध्यक्ष रमेश पानू, युवा इकाई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद शर्मा, प्रवक्ता ललित भारद्वाज आदि मौजूद थे।
वहीं हिसार में बुधवार को विश्राम गृह में मीडिया से मुखातिब साध्वी देवा ठाकुर ने केंद्र सरकार से प्रज्ञा ठाकुर को रिहा करने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रज्ञा ठाकुर ने देश के खिलाफ कोई गलत काम नहीं किया, वे सिर्फ देश हित कि लड़ाई लड़ रही थीं। उन्होंने सरकार से जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 की धारा को हटाने की मांग भी की।
साथ ही हिंदू महासभा के बहू लाओ बेटी बचाओ अभियान को भी सराहा। उन्होंने गांव कैमरी के लोगों से मुलाकात कर कहा कि उन्होंने कोई गलत काम नहीं किया है। साध्वी ने कहा कि गुनाहगार तो पादरी सुभाष है, जिसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने के लिए हिंदू महासभा कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है। इस दौरान गांव कैमरी के सरपंच सतनरायण, उपाध्यक्ष धर्मपाल सिवाच आदि मौजूद थे।